Aurangabad News : मनीगाछी घटना में मृत सिपाही का शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम

सैकड़ों लोगों ने पार्थिव शरीर पर दी श्रद्धांजलि

गोह. दरभंगा जिले के मनीगाछी फोरलेन पर हुई दुर्घटना में गोह प्रखंड के तेयाप गांव के सिपाही रविकांत कुमार की मौत हो गयी. दरभंगा में जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार की सुबह जब शव गांव पहुंचा, तो कोहराम मच गया. चालक सिपाही का शव देख परिजन सदमे में आ गये. गांव में भी मातम का माहौल कायम हो गया. परिजनों के चीत्कार से गांव का कोना-कोना दहल उठा. पार्थिव शरीर के दर्शन के लिए पहले से ही पहुंचे सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गयी. मृतक जवान के माता-पिता, भाई- बहन सहित अन्य परिजन इस कदर सदमे में थे कि न उन्हें कुछ सूझ रहा था और न समझ आ रहा था कि क्या करें. गांव के लोग लगातार ढांढ़स बंधा रहे थे. विधायक प्रतिनिधि रंजीत कुमार ने कार्यकर्ता बीरेंद्र यादव व गोह सरपंच मनोरमा देवी के साथ तेयाप गांव पहुंचकर मृतक के परिजनों को ढांढ़स बंधाया. ज्ञात हो कि वाहन जांच के दौरान पुलिस की गाड़ी पिकअप वैन का पीछा कर रही थी. अचानक तेज रफ्तार पुलिस वाहन पलट गयी. इस घटना में तीन पुलिस कर्मी घायल हो गये. दुर्घटना में वाहन चला रहे रविकांत कुमार की मौत हो गयी.

पुनपुन नदी के किनारे किया गया अंतिम संस्कार

मंगलवार की शाम बिहार पुलिस जवान रवि कांत कुमार के परिवार को उनकी शहादत की सूचना मिली. बुधवार की सुबह करीब पांच बजे उनके पैतृत्व गांव तेयाप में उनका पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. बड़े भाई शैलेश कुमार ने अपने जवान भाई को मुखाग्नि दी. इस दौरान हर किसी की आंखें नम थी. घर के छोटे बेटे की मौत से पूरे क्षेत्र में गर्व व शहादत की मिश्रित लहर थी. हर कोई युवा बेटे के सर्वोच्च बलिदान को सलाम कर रहा था तो कोई रवि कांत कुमार अमर रहे के नारे लगा रहा था. मां उर्मिला देवी अपने बेटे के गम में बेसुध थी. पिता बिनोद कुमार सिंह और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था. रविकांत कुमार की शादी भी पक्की हो गयी थी. अगस्त में रविकांत जब छुट्टी काट कर गया तो घर पर यह कहकर गया था कि वह अब शादी की छुट्टी लेकर ही आयेगा. घर तो आया, लेकिन तिरंगे से लिपटकर. जानकारी मिली कि सिपाही चालक रवि कांत कुमार 17 अगस्त को छुट्टी लेकर अपनी बहन रागिनी से राखी बंधवाने घर आया था.

भाई व भाभी से हुई थी आखिरी बात

बड़ा भाई शैलेश कुमार ने बताया की मार्च 2022 मे उसके भाई की नौकरी हुई थी पहली पोस्टिंग बेरौल अनुमंडल मे हुई थी. तब से 2024तक वही ड्यूटी करता रहा. ट्रांसफर के बाद नौ सितंबर को मनीगाछी थाने में वह पदस्थापित हुआ. मंगलवार को रविकांत पहले दिन ड्यूटी पर गया. इससे पहले भाभी सुमन से कुछ देर बातचीत की. ततपश्चात लगभग दो बजे बड़े भाई शैलेश कुमार से बातचीत हुई. शाम लगभग पांच बजे एक्सीडेंट में भाई की मौत की खबर मिली.

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By Prabhat khabar news desk

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