एक सप्ताह से चल रहे अंधविश्वास का हुआ खात्मा, जीन का सोना निकला मिट्टी

जीन और परी के चक्कर में हर दिन पीसे कुछ लोग

जीन और परी के चक्कर में हर दिन पीसे कुछ लोग

औरंगाबाद कार्यालय. धरती के प्राणी मंगल ग्रह पर आशियाना बसाने का सपना देख रहे है. विश्व के वैज्ञानिक मंगल की तह का लगातार पड़ताल कर रहे है. शायद उन्हें जीवन की संभावना नजर आ जाये. विज्ञान के इस दौर में चमत्कार की गुंजाइश भी है, लेकिन ठीक दूसरी तरफ आज भी सुदूरवर्ती इलाके के कुछ लोग विज्ञान को चुनौती देते हुए अंधविश्वास को बढ़ावा दे रहे है. अंधविश्वास का ही एक खेल एक सप्ताह तक चला. गागर में भरे सोने को पाने की इच्छा ने लालच को बढ़ावा दिया. जीन और परी का खेल चला. करोड़ों का माल पाने की इच्छा में घर के आटा भी गिल हुए. अंतत: जब सोना हासिल हुआ, तो वह मिट्टी का था. झारखंड के हरिहरगंज व औरंगाबाद के सीमावर्ती इलाके के एक गांव में एक व्यक्ति ने अंधविश्वास का पूरा खेल रचा. आठ दिन पहले औरंगाबाद के ही एक व्यक्ति से उसने कहा कि उसके घर में सोने से भरा गागर है, जिसकी पहरदारी जीन और परी करते है. दो विषैले सांप भी रखवाली में है. सोना आपको हासिल हो सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ मांगों को पूरा करना होगा. उक्त व्यक्ति के चक्कर में औरंगाबाद का व्यक्ति पड़ गया. साथ में सात-आठ लोग भी शामिल हो गये. सोने भरे गाकर को पाने के लिए ओझा और मौलवी का भी सहारा लिया गया. एक सप्ताह तक ड्रामा चला. पैसे भी खर्च हुए. कहानी रचने वाले की मांग लगातार बढ़ती जा रही थी. कभी जीन तो कभी परी की डिमांड पूरी करने के लिए बकरा मांगता, तो कभी पैसा. लगभग उसकी डिमांडे पूरी हो रही थी. आखिरकार वह दिन आया जिस दिन सोना हासिल करने की तिथि निर्धारित थी. भूत-भुतइया का साजिश रचने वाला अचानक फरार हो गया. इसके बाद सोने से भरे गागर को उक्त लोगों ने उठा लिया, लेकिन जब उसकी पड़ताल की तो सोना मिट्टी का निकला. वहां पर जो फन फैलाये सांप बैठे थे वह प्लास्टिक के निकले. हालांकि, मामला पुलिस तक नहीं पहुंच सका.

प्रभात अपील : अंधविश्वास पर नहीं दें ध्यान

प्रभात खबर औरंगाबाद जिले के लोगों से अपील करता है कि वे अंधविश्वास पर ध्यान नहीं दें और न अंधविश्वस को बढ़ाये. भूत-प्रेत, जीन, परी, ओझा ये सब किताबों की बात हो गयी है. आस्था अपनी जगह है, लेकिन अंधविश्वास पर किसी भी हाल में भरोसा न करें. औरंगाबाद जिले में अंधविश्वास को लेकर कई बड़ी घटनाएं हो चुकी है. ऐसे में हम सभी को मिलकर अंधविश्वास को दूर भगाना होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sujit kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >