औरंगाबाद: शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन, दाउदनगर में गोपगुट ने निकाली पदयात्रा

औरंगाबाद में गोपगुट ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए पदयात्रा निकाली. निजीकरण के विरोध और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए, न्याय न मिलने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई है.

Aurangabad News: बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोपगुट) की औरंगाबाद जिला इकाई के नेतृत्व में शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया. यह पदयात्रा शहीद भगत सिंह स्मारक उच्च विद्यालय, एकौनी से शुरू होकर शहीद जगदेव प्रसाद स्मारक चौक, पचरुखिया तक पहुंची.

पदयात्रा का सफल नेतृत्व गोपगुट के राज्य महासचिव नागेंद्र सिंह, राज्य सचिव नवल सिंह, मोहम्मद राशिद अंसारी, उपाध्यक्ष बुधन सिंह एवं जिलाध्यक्ष डॉ. मधेश्वर सिंह ने संयुक्त रूप से किया.

विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन

पदयात्रा के दौरान रेपुरा बस पड़ाव, मखरा-सिंदुआर एवं सिहाड़ी में नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया गया:

  • रेपुरा बस स्टैंड सभा: माध्यमिक शिक्षक संघ (मगध प्रमंडल) के सचिव अंबुज कुमार ने कहा कि शिक्षा का निजीकरण ग्रामीण भारत के सामाजिक और शैक्षणिक ढांचे को बुरी तरह प्रभावित करेगा.
  • विद्यालयों का सम्मिलन गलत: गोपगुट के राज्य सचिव बसंत कुमार ने कहा कि कम छात्र संख्या के नाम पर विद्यालयों का सम्मिलन और उन्हें बंद करना गरीब व वंचित तबके के बच्चों को शिक्षा के मौलिक अधिकार से बेदखल करने जैसा है.
  • पाठ्यक्रम से छेड़छाड़ पर चिंता: डॉ. श्रीनिवास मंडल ने कहा कि सिलेबस के साथ लगातार की जा रही अनावश्यक छेड़छाड़ से शिक्षा के मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहे हैं.

जगदेव बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद जनसभा में बदली पदयात्रा

पचरुखिया स्थित शहीद जगदेव प्रसाद स्मारक चौक पर जगदेव बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात पदयात्रा एक बड़ी आम सभा में तब्दील हो गई.

सभा को संबोधित करते हुए राज्य महासचिव नागेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग को नित नए प्रयोगों का अड्डा बना दिया गया है और सरकार शिक्षकों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि एक तरफ निजी कंपनियों को मात्र एक रुपये में जमीन दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ दान में मिली जमीनों पर चल रहे भूमि-भवनविहीन सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों की न्यायसंगत मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो उग्र राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा.

"निजीकरण से बढ़ेगी निरक्षरता": जिलाध्यक्ष

जिलाध्यक्ष डॉ. मधेश्वर सिंह ने शिक्षा के व्यवसायीकरण का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यदि इस पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई तो शिक्षा गरीबों की पहुंच से पूरी तरह बाहर हो जाएगी और देश पुनः निरक्षरता के संकट की ओर धकेल दिया जाएगा.

इस विरोध पदयात्रा में जिला उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार, दाउदनगर प्रखंड अध्यक्ष रंजीत कुमार रत्ना, हसपुरा प्रखंड अध्यक्ष अवधेश कुमार, रविंद्र नाथ टैगोर, रमाकांत सिंह, पंडित राधेलाल, संजीव कुमार, बिजेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, विकास कुमार, मिथिलेश कुमार सिंह, इंद्रजीत कुमार, सुमन कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Om Prakash

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >