Aurangabad News : टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शनिवार को रेफरल अस्पताल कुटुंबा में टीबी से पीड़ित 20 मरीजों के बीच 'निश्चय पोषण किट' का वितरण किया गया. इस दौरान मरीजों को नियमित उपचार के साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व की भी जानकारी दी गई.
नियमित दवा के साथ पौष्टिक आहार भी जरूरी : प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर सिंह ने बताया कि टीबी रोग के उपचार में नियमित दवा के साथ पौष्टिक भोजन की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इसी उद्देश्य से मरीजों को निश्चय पोषण किट उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उनका शारीरिक स्वास्थ्य तेजी से सुधरे और वे जल्द स्वस्थ हो सकें.
पोषण किट में शामिल की गई पौष्टिक खाद्य सामग्री
वितरित निश्चय पोषण किट में आटा, सोयाबीन, दाल, बादाम, मिल्क पाउडर सहित अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री शामिल थी. किट प्राप्त करने के बाद मरीजों ने खुशी जताते हुए इसे उपचार के दौरान उपयोगी पहल बताया.
चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की अपील
अस्पताल प्रबंधन की ओर से मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने, संतुलित भोजन करने और चिकित्सकीय सलाह का पूरी तरह पालन करने की अपील की गई. अधिकारियों ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनजागरूकता और मरीजों का सहयोग बेहद आवश्यक है.
स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर सिंह, अस्पताल प्रबंधक ब्रज किशोर, स्वास्थ्य प्रबंधक दीपक कुमार सिंह, एसटीएस चंद्रशेखर सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे. इस दौरान टीबी मरीजों को निर्धारित अवधि तक नियमित रूप से दवा लेने और उपचार बीच में नहीं छोड़ने की भी सलाह दी गई.
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