Aurangabad News: औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने दाउदनगर थाना का वार्षिक निरीक्षण कर स्थानीय पुलिस व्यवस्था, विभिन्न सरकारी अभिलेखों के रख-रखाव और लंबे समय से लंबित पड़े मामलों की उच्च स्तरीय समीक्षा की. निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना भवन, सिरिस्ता कक्ष, सीसीटीएनएस कक्ष, थाना गार्ड, हाजत, पुलिस बैरक तथा विभिन्न पंजियों का गहन अवलोकन किया. इसके साथ ही कार्यालय व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए.
लंबित कांडों की हुई विस्तृत समीक्षा
औरंगाबाद के एसपी ने वार्षिक निरीक्षण के उपरांत अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), पुलिस निरीक्षक, थानाध्यक्ष एवं सभी अनुसंधानकर्ताओं (केस आईओ) के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. इस बैठक के दौरान थाना क्षेत्र के गंभीर आपराधिक मामलों, लंबित पड़े पुराने कांडों तथा अनुसंधान की वर्तमान प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई. एसपी ने सख्त निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए.
फरार अपराधियों पर कड़ाई का निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने बैठक में स्पष्ट कहा कि गंभीर अपराधों की जांच में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रत्येक अनुसंधान को निर्धारित समय सीमा के भीतर वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ पूरा किया जाना चाहिए. इसके अलावा कोर्ट से जारी वारंट एवं कुर्की के मामलों के तामिले में तेजी लाने तथा विभिन्न कांडों में फरार चल रहे शातिर अपराधियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए विशेष धरपकड़ अभियान चलाने का निर्देश दिया.
शराब और बालू माफियाओं पर कसें शिकंजा
औरंगाबाद के दाउदनगर थाने में हुई इस समीक्षा के दौरान बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की भी विस्तृत समीक्षा की गई. एसपी ने शराब के अवैध निर्माण, भंडारण, बिक्री और अंतरजिला परिवहन के विरुद्ध लगातार सघन छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उन्होंने सोन तटीय इलाकों में अवैध खनन एवं बालू के अवैध परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए नियमित गश्त करने तथा माफियाओं के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा.
फरियादियों की समस्याओं का हो त्वरित समाधान
एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने थाना परिसर की साफ-सफाई की उत्तम व्यवस्था सदैव बनाए रखने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि आम जनता के बीच बेहतर होनी चाहिए. इसके लिए थाना आने वाले प्रत्येक पीड़ित और फरियादी की शिकायत को बेहद गंभीरता व संवेदनशीलता से सुना जाए और उसका त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान किया जाए. मौके पर दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास, पुलिस निरीक्षक जितेंद्र कुमार, थानाध्यक्ष विकास कुमार सहित कई पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे.
