Aurangabad: अचानक एसआई के सीने में उठा दर्द, अस्पताल जाते-जाते मौत, पसरा मातम

Aurangabad: एसआई विनोद कुमार यादव सोमवार की सुबह वह अपने कमरे के बाहर थाना परिसर में ही एक दारोगा के साथ टहल रहे थे और दोनों आपस में बातचीत भी कर रहे थे. इसी दौरान अचानक विनोद के सीने में दर्द उठा.

Aurangabad: औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड के माली थाना में तैनात एक 56 वर्षीय एसआई की हार्ट अटैक से मौत होने का मामला प्रकाश में आया है. मृतक की पहचान सिवान जिले के मछौती गांव निवासी विनोद कुमार यादव के रूप में हुई है. घटना सोमवार की सुबह की है. घटना के बारे में पता चलते ही हड़कंप मच गया.

थानाध्यक्ष ने घटना के बारे में क्या बताया

माली थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार की सुबह वह अपने कमरे के बाहर थाना परिसर में ही एक दारोगा के साथ टहल रहे थे और दोनों आपस में बातचीत भी कर रहे थे. इसी दौरान अचानक विनोद के सीने में दर्द उठा तो उन्होंने इसकी जानकारी साथ रहे दारोगा को दी. इसके बाद वे उसी जगह पर बैठ गए. पानी मांगने पर उनके बेटे ने उन्हें पानी मिलाया और तत्काल घटना की सूचना उन्हें दी.

इधर जानकारी मिली कि सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह पहुंचे और उनका हाल जाना. वहीं सूचना पर एक निजी चिकित्सक भी वहां पहुंचा और तत्काल उन्हें सदर अस्पताल जाने की सलाह दी. पता चला कि सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने एसआई विनोद का नब्ज टटोलते ही मृत घोषित कर दिया.

पसरा मातम

मौत के बाद जिले के तमाम पुलिस महकमे में मातम पसर गया. इसके बाद घटना की सूचना नगर थाना की पुलिस को दी गयी. सूचना पर नगर थाना की पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई. पोस्टमार्टम के उपरांत शव को करमा रोड स्थित पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां उन्हें सलामी दी गयी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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