Aurangabad News : शहर से सटे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रायपुरा गांव स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ एवं तीर्थस्थल शतचंडी धाम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है. बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा शतचंडी धाम न्यास समिति के नवीनीकरण एवं पुनः पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इससे मंदिर परिसर के धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित और संस्थागत रूप से संचालित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है.
न्यास समिति के पुनर्गठन में संजीव कुमार सिंह की रही अहम भूमिका
बताया गया कि इस पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में बिहार राज्य महोत्सव संघ के अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह की महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका रही. उनके प्रयासों से न्यास समिति के पुनर्गठन की प्रक्रिया भी सफलतापूर्वक पूरी हो सकी.
नई न्यास समिति में इन पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
नवीनीकृत शतचंडी धाम न्यास समिति में अमरेश सिंह को अध्यक्ष, अरुण कुमार सिंह को उपाध्यक्ष, राजेंद्र सिंह को सचिव, राहुल कुमार को सहसचिव तथा सुरेंद्र सिंह को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया है. समिति के सदस्य के रूप में अवध बिहारी सिंह, अखिलेश पासवान, रविकर संजय मिश्र, शिवरक्षया सिंह और बिगन राम को शामिल किया गया है.
मंदिर विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस
न्यास समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पुनर्गठित समिति शतचंडी धाम के समुचित रखरखाव, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार, मंदिर परिसर के विकास तथा धार्मिक आयोजनों के सफल संचालन की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएगी. उन्होंने बताया कि वर्ष में आयोजित होने वाले दोनों नवरात्र महोत्सव, आर्द्रा के अवसर पर लगने वाला पारंपरिक मेला, विभिन्न धार्मिक महोत्सवों तथा प्रत्येक रविवार को उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के बेहतर प्रबंधन के लिए विशेष कार्ययोजना के तहत कार्य किया जाएगा.
नई समिति से धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगी मजबूती
समिति के सदस्यों ने नवीनीकरण और पुनर्गठन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बिहार राज्य महोत्सव संघ के अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि शतचंडी धाम महोत्सव को कला, संस्कृति एवं युवा विभाग से राजकीय दर्जा दिलाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी. वहीं इस बार न्यास समिति के पुनर्गठन और नवीनीकरण की प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी मील का पत्थर साबित हुई है. समिति के सदस्यों ने विश्वास जताया कि नई न्यास समिति के गठन से शतचंडी धाम का धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व आने वाले समय में और अधिक बढ़ेगा.
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