औरंगाबाद जिले के दाउदनगर प्रखंड स्थित शमशेरनगर रामटोली की जया कुमारी ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. उनका चयन राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, सीतामढ़ी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफेसर (अतिथि) के पद पर हुआ है. उनकी सफलता से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है.
बी.टेक और एम.टेक के बाद मिली नई जिम्मेदारी
जया कुमारी, नागेंद्र राम और प्रमिला देवी की पुत्री हैं. उनकी माता जीविका से जुड़ी हैं. जया ने राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, अरवल से बी.टेक तथा एमआईटी, मुजफ्फरपुर से एम.टेक की पढ़ाई पूरी की. हाल ही में बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय, पटना के दीक्षांत समारोह में उन्हें मुख्यमंत्री के हाथों मास्टर डिग्री प्रदान की गई थी. इसके कुछ ही दिनों बाद उनका सहायक प्रोफेसर के पद पर चयन हो गया.
दादाजी के मार्गदर्शन ने दिलाई सफलता
जया कुमारी की सफलता में उनके दादाजी एवं सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक केशवर राम का महत्वपूर्ण योगदान रहा. उन्होंने बचपन से ही शिक्षा का महत्व समझाते हुए जया को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. परिवार का कहना है कि दादाजी के मार्गदर्शन और जया की निरंतर मेहनत ने उन्हें यह मुकाम दिलाया.
ग्रामीण बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
जया कुमारी की उपलब्धि पर ग्रामीणों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई दी है. उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सीमित संसाधन भी दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम के सामने बाधा नहीं बनते. आज जया कुमारी पूरे औरंगाबाद जिले के साथ ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं.
