Aurangabad News : सावन की अंतिम सोमवारी के अवसर पर विद्या भारती विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर, देव की ओर से भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई. धार्मिक उत्साह और आस्था के माहौल में निकली इस यात्रा में विद्यालय के करीब 100 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कांवड़ यात्रा पवित्र सूर्यकुंड तालाब से शुरू होकर काली स्थान और शिवाला होते हुए रानी तालाब पहुंची. यहां सभी छात्र-छात्राओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की.
यात्रा में दिखी आस्था के साथ अनुशासन और सेवा भावना
कांवड़ यात्रा के दौरान छात्र-छात्राओं में धार्मिक आस्था के साथ अनुशासन और सेवा भावना भी देखने को मिली. विद्यालय की ओर से बताया गया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य बच्चों को बाल्यावस्था से ही अपनी सनातन संस्कृति, परंपरा, सभ्यता और संस्कारों से जोड़ना है. धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में पवित्रता, शुचिता, धैर्य, सहनशीलता और संवेदनशीलता जैसे मानवीय गुण विकसित होते हैं.
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सामूहिक यात्रा से सहयोग और समानता की भावना होती है मजबूत
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि सामूहिक रूप से पैदल यात्रा करने से बच्चों में आपसी सहयोग और समानता की भावना मजबूत होती है तथा भेदभाव की भावना दूर होती है. साथ ही बच्चों को अनुशासन का महत्व भी समझ में आता है. उन्हें यह संदेश दिया जाता है कि जीवन में परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, धैर्य और संयम के साथ उनका सामना करना चाहिए.
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प्रधानाचार्य के नेतृत्व में संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम विद्यालय के प्रधानाचार्य अमरेश कुमार सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ. कांवड़ यात्रा में विद्यालय के आचार्य भूषण पांडेय, राजीव कुमार पांडेय, मनीष कुमार, सत्येंद्र कुमार, अर्जुन यादव, पुष्पांजलि सिंह, ममता कुमारी, दीपावली सिंह, शोभा यादव, पूजा कुमारी, श्रुति, शैलजा, मिथिलेश कुमार एवं आरती कुमारी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं की सहभागिता रही.
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