औरंगाबाद : उमस और तेज गर्मी के बीच औरंगाबाद सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. अस्पताल के सामान्य वार्ड, महिला वार्ड समेत कई वार्डों में लगे एयर कंडीशनर (एसी) लंबे समय से बंद पड़े हैं. इससे भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हालात ऐसे हैं कि जहां अधिकारियों के कक्ष पूरी तरह वातानुकूलित हैं, वहीं वार्डों में मरीज पसीने से तर-बतर होकर इलाज कराने को मजबूर हैं.
उमस और गर्मी ने बढ़ाई मरीजों की परेशानी
सदर अस्पताल में प्रतिदिन करीब 400 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. भर्ती मरीजों का कहना है कि उमस भरी गर्मी और बंद पड़े एसी के कारण वार्डों में रहना मुश्किल हो गया है. पर्याप्त ठंडक नहीं मिलने से कई मरीजों को रातभर जागकर समय बिताना पड़ रहा है. फिलहाल पंखों के सहारे ही मरीजों को राहत देने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उमस के कारण यह व्यवस्था भी नाकाफी साबित हो रही है.
मरीजों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
अस्पताल में भर्ती मरीज विक्रम कुमार, आशा देवी, सुमित्रा देवी, अशोक प्रसाद और कालेन्द्र दुबे ने बताया कि सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा करती है, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही ये दावे धरातल पर कमजोर नजर आते हैं. उनका कहना है कि वार्डों में लगे एसी केवल शोपीस बनकर रह गए हैं. गर्मी और उमस के कारण मरीजों की तबीयत और बिगड़ने का खतरा बना रहता है, बावजूद इसके व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है.
जल्द एसी दुरुस्त कराने की उठी मांग
मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि सभी खराब एसी को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए. उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में वार्डों में ठंडक की समुचित व्यवस्था होना जरूरी है, ताकि मरीजों को राहत मिल सके और इलाज के दौरान अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े.
क्या बोले अस्पताल प्रबंधक
अस्पताल प्रबंधक प्रफुल्ल कांत निराला ने बताया कि वार्डों में लगे कुछ एसी खराब हो गए हैं. उन्हें दुरुस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जल्द ही सभी खराब एसी को ठीक कर चालू करा दिया जाएगा, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए लगातार आवश्यक कदम उठा रहा है.
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