औरंगाबाद सदर अस्पताल में अब 127 तरह की जांच, थायराइड समेत कई टेस्ट होंगे नि:शुल्क

औरंगाबाद सदर अस्पताल में मरीजों के लिए खुशखबरी है. अब यहां 127 तरह की पैथोलॉजी जांचें नि:शुल्क उपलब्ध होंगी. पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड लागू होने से मरीजों को अब जांचों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.

Aurangabad News : औरंगाबाद सदर अस्पताल में मरीजों को पैथोलॉजी जांच की बेहतर और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार से जांच व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. अब अस्पताल में होने वाली जांचों का एक बड़ा हिस्सा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के तहत कराया जाएगा.

नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को विभिन्न प्रकार की जांच के लिए निजी जांच घरों का दरवाजा खटखटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. खास बात यह है कि इन सभी जांचों के लिए मरीजों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा. नई व्यवस्था के तहत सदर अस्पताल में कुल 127 प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी.

इसमें 87 प्रकार की जांच पीपीपी मोड के तहत निजी एजेंसी द्वारा की जाएगी. वहीं, 25 प्रकार की जांच पूर्व से सदर अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों के माध्यम से होती रहेगी.

इसके अलावा, 15 प्रकार की जांच आरटीपीसीआर के तहत की जाएगी. इस तरह अस्पताल में कुल 127 प्रकार की जांच की सुविधा मरीजों को सुलभ कराई जाएगी.

पहले अस्पताल में सीमित थी जांच की सुविधा

पहले से सदर अस्पताल में कार्यरत जांच कर्मियों के अधीन अब करीब 25 प्रकार की जांच की सुविधा ही उपलब्ध है. इनमें हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, टायफाइड सहित अन्य जांच शामिल हैं. इन जांचों को नई व्यवस्था में भी अस्पताल के पूर्व से कार्यरत कर्मचारियों के जिम्मे रखा गया है.

औरंगाबाद सदर अस्पताल में मरीजों की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी.

वहीं, जांच का दायरा बढ़ाते हुए 87 प्रकार की जांच पीपीपी मोड में शामिल की गई है. नई व्यवस्था के तहत कई ऐसी जांच भी अस्पताल में उपलब्ध होगी, जिसके लिए पहले मरीजों को बाहर जाना पड़ता था.

इनमें थायराइड जांच प्रमुख है. अब थायराइड समेत अन्य जांच की सुविधा सदर अस्पताल में ही मिलने से मरीजों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है.

निजी जांच केंद्रों पर मरीजों की निर्भरता होगी कम

सदर अस्पताल में जांच की सुविधा सीमित होने के कारण कई मरीजों को चिकित्सक की सलाह के बाद निजी पैथोलॉजी सेंटरों का रुख करना पड़ता था.

जांच के लिए निजी केंद्रों में भारी शुल्क देना पड़ता था, जिससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था. खासकर गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए यह बड़ी परेशानी का कारण बनता था. अब जांच का दायरा बढ़ाकर 127 प्रकार किया गया है.

इससे मरीजों को अस्पताल परिसर में ही अधिकतर आवश्यक जांच की सुविधा मिल सकेगी. जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और सरकारी व्यवस्था के तहत मरीजों को यह सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क मिलेगी.

सरकार की पहल से मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ

अस्पताल प्रबंधक प्रफुल्ल कांत निराला ने बताया कि सरकार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

इसी उद्देश्य से जांच व्यवस्था में बदलाव करते हुए पीपीपी मोड लागू किया गया है. उन्होंने कहा कि अब मरीजों को जांच कराने के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी. अस्पताल में ही अधिक संख्या में जांच उपलब्ध होने से मरीजों को बड़ी सुविधा मिलेगी और उनका समय व पैसा दोनों बचेगा.

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उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत थायराइड समेत कई अन्य आधुनिक जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी. सदर अस्पताल में जांच व्यवस्था का यह विस्तार मरीजों के हित में उठाया गया एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है.

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By मनीष राज सिंघम

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