पारिवारिक वादों का रिकॉर्ड निबटारा, पहली बार परिवहन चालान के 309 मामलों का समाधान

औरंगाबाद व दाउदनगर न्यायालय में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत

औरंगाबाद व दाउदनगर न्यायालय में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत

औरंगाबाद शहर. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय व दाउदनगर अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. इसमें 2132 वादों का निबटारा किया गया तथा लगभग तीन करोड़ 81 लाख रुपये का समझौता कराया गया. पारिवारिक मामलों में पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए अधिक वादों का निबटारा किया गया. इसके पहले प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष राज कुमार, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अरुण कुमार, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विश्वविभूति गुप्ता, प्रभारी जिलाधिकारी अनुग्रह नारायण सिंह, प्रभारी पुलिस अधीक्षक मनीषा बेबी, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल, जिला विधि संघ के अध्यक्ष विजय कुमार पांडेय, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप जलाकर उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम का संचालन अभिनंदन कुमार ने किया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सभी गतिविधियों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन महत्वपूर्ण है. राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन न्यायालय में मनाया जाने वाला एक पर्व के अवसर की तरह होता है. लोक अदालत के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि वर्षों पुराने विवाद को आज के दिन दरकिनार करते हुए निस्तारण करने की जरूरत है. प्राधिकार की सचिव ने वरीय न्यायाधीश को राष्ट्रीय लोक अदालत में हर प्रकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया. राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जितने भी वादकारी यहां आये हैं आपसभी के सहयोग से ही राष्ट्रीय लोक अदालत एक मुकम्मल स्थान पायेगा. कहा कि जो वाद राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित होता है तो इसका लाभ सिर्फ वादकारी को ही नहीं होता है. बल्कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सहित न्यायालय पर भी मुकादमों का बोझ कम होता है. जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि आज का दिन सौहार्द बढ़ाने वाला दिन है. इस अवसर का ज्यादा से ज्यादा लोग लाभ उठायें. विधि संघ के अध्यक्ष विजय कुमार पांडेय ने कहा कि सभी के सहयोग से ही राष्ट्रीय लोक अदालत को संपन्न किया जाता है. राष्ट्रीय लोक अदालत में स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया.

वादों के निबटारे का प्रयास

प्रभारी जिला पदाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आये हुए पक्षकारों को कहा कि आज के दिन अपने-अपने वादों को सहज तरीके से निबटा सकते हैं. उन्होंने अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष द्वारा उठायी गयी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि उसके निदान हेतु हरसंभव प्रयास किया जायेगा. प्रभारी पुलिस अधीक्षक ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में वाद के निस्तारण में राहत दी जाती है और पुलिस प्रशासन के माध्यम से जो भी नोटिस तामिला कराया जाता है तो दोनों पक्ष को निर्देशित भी किया जाता है कि राष्ट्रीय लोक अदालत वादों के निस्तारण का सरल मार्ग है और यहां छोटे-छोटे वाद तुरंत खत्म हो जाता है.

इन वादों का हुआ निबटारा

राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना से संबंधित वादों में कुल पांच वाद में 30 लाख रुपये का समझौता कराया गया. 21 परिवारिक मामले, आपराधिक सुलहनीय मामलों से संबंधित 324 वाद, इसके साथ-साथ अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय से संबंधित 708 वाद, टेलीफोन के एक तथा बैंक ऋण के 764 मामले का निस्तारण करते हुए कुल तीन करोड़ 80 लाख 18 हजार 350 रुपये पक्षकारों को राहत दिया गया. वहीं परिवहन चालान से संबंधित 309 मामले में आठ लाख 35 हजार रुपये का चालान मामले का निस्तारण किया गया. इस तरह कुल 2132 मामलों का निस्तारण करते हुए लगभग तीन करोड़ 81 लाख एक हजार 880 रुपये का समझौता कराया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में प्राधिकार के उप प्रमुख विधिक रक्षा परामर्श प्रणाली अभिनंदन कुमार, सहायक विधिक रक्षा प्रणाली अधिवक्ता रंधीर कुमार और चंदन कुमार मिश्रा, कर्मी सुनील कुमार सिंह, संजय कुमार, टेक्निकल, अर्पणा सहाय, सुनील कुमार सिन्हा, सहयोगी नवरतन कुमार, बिरजा प्रजापत, मो अनजारुल हक, गीता कुमारी, कुंदन कुमार आदि ने अहम भूमिका निभायी.

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