रफीगंज. रफीगंज प्रखंड के बराही बाजार में सार्वजनिक जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है. बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1962-63 में गांव की कमेटी ने पूरे गांव के हिंदू-मुस्लिम समुदाय के सार्वजनिक उपयोग के लिए यह जमीन छह लोगों के नाम से खरीदी थी, ताकि भविष्य में यहां विद्यालय, सामुदायिक भवन, सामाजिक कार्यक्रमों तथा अन्य जनहित के कार्यों के लिए इसका उपयोग किया जा सके. ग्रामीणों का आरोप है कि अब उक्त जमीन पर कुछ लोगों द्वारा निजी स्वामित्व का दावा करते हुए कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका पूरे गांव में विरोध हो रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह भूमि पूरे गांव की धरोहर है और इसे किसी भी कीमत पर निजी संपत्ति नहीं बनने दिया जायेगा. विरोध प्रदर्शन में शिवदत्त प्रजापति, शेखर सुमन, राव कुमार, कपिल गोस्वामी, रामदेव राम, शिव कुमार सोनी, राजेश गुप्ता, राजाराम, रुपेश कुमार, अकिल अंसारी, रवि कुमार, शंकर सुमन, विमलेश रजक समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भूमि के अभिलेखों की निष्पक्ष जांच करायी जाये, सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखा जाये तथा जनहित में आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये. वैसे इस मामले को लेकर गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है.
सार्वजनिक जमीन पर बढ़ा विवाद, ग्रामीणों ने किया विरोध
रफीगंज के बराही बाजार में सार्वजनिक जमीन पर कब्जे के प्रयास के खिलाफ ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन। प्रशासन से निष्पक्ष जांच और भूमि सुरक्षा की मांग की।

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