औरंगाबाद का नाम ‘देव’ करने की मांग को लेकर प्रदर्शन, समाहरणालय पहुंचकर सौंपा मांग पत्र

औरंगाबाद जिले का नाम बदलकर 'देव' करने की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को मांग पत्र सौंपा, जिसमें सूर्य मंदिर की महत्ता पर जोर दिया गया.

औरंगाबाद जिले का नाम बदलकर ‘देव’ करने की मांग को लेकर शुक्रवार को जनेश्वर विकास केंद्र एवं महोत्सव परिवार के संयुक्त तत्वावधान में शहर में एक जोरदार प्रदर्शन यात्रा निकाली गई. स्थानीय गांधी मैदान से शुरू हुई यह यात्रा समाहरणालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपा.

इसके बाद अधिवक्ता संघ सभागार में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का हवाला देते हुए नाम परिवर्तन की अपनी मांग को एक बार फिर पुरजोर तरीके से दोहराया गया.

सूर्य मंदिर और ऐतिहासिक पहचान का दिया हवाला

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि देव की पहचान पूरे देश और विदेश में विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर के रूप में है. इसके बावजूद देव को वह अपेक्षित सम्मान और विकास नहीं मिल पा रहा है, जो चिंता का विषय है.

उन्होंने रोहतास, कैमूर और वैशाली जिलों का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की पहचान के आधार पर ही जिलों के नाम रखे गए हैं. इसी तर्ज पर अब औरंगाबाद जिले का नाम बदलकर देव करने की मांग की जा रही है.

वर्ष 1992 से चल रही है नाम बदलने की मांग

समाजसेवी आदित्य श्रीवास्तव ने कहा कि औरंगाबाद का नाम बदलकर देव करने की यह मांग वर्ष 1992 से लगातार चली आ रही है. देव का सूर्य मंदिर, महान लोक आस्था का महापर्व छठ और यहां की प्राचीन लोक परंपराएं पूरे देशभर में अपनी एक अलग पहचान रखती हैं.

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मांग किसी व्यक्ति या विशेष समुदाय के विरोध में नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत और जनभावनाओं के सम्मान से जुड़ी हुई है. जनेश्वर विकास केंद्र के अध्यक्ष रामजी सिंह ने भी इस मांग का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि देव जिले की सांस्कृतिक धरोहर का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है.

रैली में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

पूर्व मुखिया इकबाल अहमद ने कहा कि देव की पहचान हम सभी की साझा विरासत है. वहीं, रैली प्रभारी दीपक गुप्ता ने बताया कि इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य लोगों की इस लंबे समय से चली आ रही मांग को सरकार तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना है.

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इस विरोध प्रदर्शन और सभा के दौरान लवकुश प्रसाद सिंह, मुकेश चौबे, धर्मेंद्र यादव, राकेश कुमार, चंदन कुमार, धनंजय कुमार, वीरेंद्र सिंह, बलराम चंद्रवंशी, अनिल सिंह व उपेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में शहरवासी और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग मौजूद रहे.

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By सुधीर कुमार सिन्हा

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