Aurangabad News: ओबरा प्रखंड मुख्यालय स्थित कन्या उच्च विद्यालय के समीप पुनपुन नदी के छठ घाट एवं एनएच के किनारे इन दिनों कचरे का अंबार लगा हुआ है. सड़क एवं नदी किनारे बड़ी मात्रा में कचरा जमा रहने से आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है. वहां से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शीघ्र सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है.
कचरे से उठ रही तेज दुर्गंध
ग्राम कुराईपुर निवासी सत्येंद्र कुमार, वार्ड सदस्य मंटू कुमार, शत्रुंजय कुमार, आलोक कुमार, राहुल कुमार, विजेंद्र महतो तथा वार्ड सदस्य मोहम्मद आलम, सुजान कुमार ने बताया कि पुनपुन नदी में जलस्तर कम होने पर ग्रामीण चचरी पुल के सहारे बाजार आने-जाने के लिए इस रास्ते का प्रयोग करते हैं. बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं भी प्रतिदिन कन्या उच्च विद्यालय सहित अन्य शिक्षण संस्थानों तक पहुंचते हैं. लेकिन नदी घाट के आसपास बेतरतीब ढंग से फेंके जा रहे कचरे के कारण वहां तेज दुर्गंध उठती रहती है, जिससे लोगों को काफी असुविधा होती है.
नदी किनारे भी जमा है कचरा
सड़क के किनारे भी कचरा जमा होने से शहर में दुर्गंध फैल रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कचरे का नियमित उठाव और उचित निस्तारण नहीं किया गया, तो इससे पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने संबंधित विभाग से कचरा फेंकने के लिए एक सुनिश्चित स्थान चिन्हित करने तथा नियमित सफाई की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि नदी और छठ घाट की स्वच्छता बनी रहे.
बीमारी फैलने की जताई आशंका
लोगों ने कहा कि सड़क के किनारे घनी आबादी होने के कारण गंदगी से बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है. साथ ही नदी का पानी कचरे के कारण गंदा होकर विभिन्न इलाकों में जा रहा है, जिससे अन्य क्षेत्रों में भी रोगों के विस्तार की आशंका है. लोगों ने कहा कि सरकार नदी बचाने को लेकर लगातार मुहिम चला रही है, लेकिन ओबरा में नदी के बगल में कचरा फेंके जाने के कारण नदी की चौड़ाई भी धीरे-धीरे कम हो रही है और जल की स्वच्छता पर भी बुरा असर पड़ रहा है.
छठ घाट की सफाई जरूरी
स्थानीय लोगों ने कहा कि पुनपुन नदी का छठ घाट धार्मिक आस्था का केंद्र है. छठ महापर्व सहित अन्य अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में घाट की स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन के साथ-साथ आमजन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है. लोगों ने समस्या पर शीघ्र संज्ञान लेकर सफाई अभियान चलाने और भविष्य में कचरा प्रबंधन की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि स्वच्छ वातावरण के साथ लोगों को आवागमन में भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
डब्ल्यूपीयू के लिए जमीन की तलाश
प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि डब्ल्यूपीयू निर्माण के लिए ओबरा में जमीन उपलब्ध नहीं है. इसके लिए बगल की पंचायत में निर्माण कराने के लिए वार्ता की गयी है. जल्द ही शहरवासियों के साथ बैठक कर जगह उपलब्ध कराने पर चर्चा की जाएगी. वहीं ओबरा मुखिया सीमा अग्रवाल ने बताया कि ग्राम सभा से डब्ल्यूपीयू निर्माण के लिए प्रस्ताव पारित हो चुका है. शहर में जमीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे दूसरी जगह बगल की पंचायत में बनाने की बात चल रही है. जल्द ही सभी कचरे का उठाव कराकर खाली जगह पर डंप कराया जाएगा.
