खाद की कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं की खैर नहीं, लाइसेंस रद्द

इस बार खेतों में अत्यधिक नमी होने के कारण गेहूं की बुआई देर से हो रही है

औरंगाबाद/कुटुंबा. इस बार खेतों में अत्यधिक नमी होने के कारण गेहूं की बुआई देर से हो रही है. फसल लगाने के लिए खेतिहर अभी भी डीएपी खाद खरीद रहे हैं. वहीं जिन किसानों ने उपरी क्षेत्रों में अगात फसल लगायी है, वे गेंहू का पटवन शुरू कर दिये है. उन्हें फसल में टॉप ड्रेसिंग करने के लिए यूरिया की जरूरत है. हाल में धान का बाजार भाव नहीं मिलने से बिक्री प्रभावित है. ऐसे में किसानो के पास पैसे की भी दिक्कत चल रही है. इधर, उर्वरक व्यवसायी निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत लेकर किसानों को डीएपी व यूरिया खाद दे रहे है.हालांकि इसकी भनक जिला प्रशासन को लग गई है.उर्वरक की कालाबाजारी की भनक लगते ही डीएओ संदीप राज ने शुक्रवार को सदर प्रखंड क्षेत्र में कई प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कई व्यवसायियों को हिदायत भी दी है. कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी करने वाले को खैर नहीं रहेगी. ऐसे विक्रताओं के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई की जाएगी. सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर उर्वरक की बिक्री करनी है. किसान फसल उतपादक ही नहीं पूरी आबादी के लिए अन्नदाता होते हैं. किसी भी स्थिति में उर्वरक की कालाबाजारी बर्दास्त नहीं की जायेगी. उन्होंने बताया कि जांच के क्रम में प्रकाश कृषक सेवा केंद्र के स्टॉक की मात्रा में अंतर पाया गया. इसके साथ ही खामियां उजाकर हुई.

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