मातम के बीच शादी: मां की अर्थी के पास से निकली बेटे की बारात, उधर लड़की के जीजा की भी चली गयी जान

औरंगाबाद में बेटे के बारात निकालने की खुशी में निकली महिला को ये पता नहीं था कि वो अपने बेटे को सजाधजा कर तैयार तो कर दिया लेकिन दरवाजे पर कदम रखने से पहले ही उनकी मौत हो गयी.

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 20, 2022 2:11 PM

औरंगाबाद-पटना एनएच 139 पर मस्तलीचक मोड़ के समीप बाइक दुर्घटना में 70 वर्षीय महिला की मौत हो गयी. घटना शनिवार की है. मृतका की पहचान मस्तलीचक गांव के स्व चंद्रदीप सिंह की पत्नी बुधनी देवी के रूप में हुई है. बुधनी देवी के बेटे की बारात निकलने वाली थी लेकिन ठीक पहले दूल्हे की मां इस हादसे का शिकार हो गयी. वहीं दूल्हन के जीजा की भी मौत करंट लगने से इसी दिन हो गयी जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मातम पसर गया.

जानकारी के अनुसार, बुधनी देवी के छोटे पुत्र रणधीर कुमार की बरात मदनपुर के डोमन बिगहा गांव में जाने की तैयारी हो रही थी. लोग सज-धजकर तैयार थे. बरात में खर्च करने के लिए बुधनी देवी ऊब गांव स्थित दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक से पांच हजार रुपये की निकासी करने गयी.

पैसा निकाल कर अपने दामाद के साथ बाइक पर बैठ कर वापस घर लौट रही थी. घर से चंद कदम की दूरी पर मस्तली चक मोड़ पहुंची. वहां अज्ञात वाहन के चकमे से बाइक अनियंत्रित हो गयी और फिर महिला बाइक से गिर कर घायल हो गयी.

घायल महिला को आसपास के लोगों के सहयोग से इलाज के लिए ओबरा समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने सदर अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी है. वैसे घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने आगे की कार्रवाई भी पूरी की.

बुधनी देवी की मौत की सूचना जैसे ही गांव पहुंची, वैसे ही सन्नाटा पसर गया और लोग सदमे में आ गये. परिवार का हर सदस्य चीत्कार उठा. चंद मिनट पहले मां व अन्य परिजन बेटे की डोली सजाने में लगे थे, लेकिन अब डोली की जगह मां की अर्थी निकल गयी. गांव का हर व्यक्ति शोक में डूब गया. जानकारी मिली कि बुधनी देवी पति की मौत के बाद जैसे-तैसे अपने परिवार को सहेजने में कामयाब हुई.

बुधनी देवी के तीन बेटे रामाशीष यादव, अरविंद यादव व रणधीर यादव के बल पर घर गृहस्थी चल रही थी. छोटे बेटे की शादी के लिए कई अरमान भी सजा रखे थे. हालांकि, ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद शादी का माहौल भले ही गमगीन हो गया है, लेकिन किसी तरह लड़के की शादी कराने का फैसला लिया गया. गांव के लोगों ने तय किया कि शादी के बाद ही दूल्हे की मां का दाह संस्कार होगा.

जानकारी के अनुसार, दूल्हे को शादी के लिए तो तैयार कर लिया गया लेकिन लड़की पक्ष के लिए भी एक और दुखद खबर अभी इंतजार कर रहा था. लड़की के जीजा अचानक करंट लगने से अचेत हो गये. लटकते तार की चपेट में आकर मौके पर ही उसकी मौत हो गयी.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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