औरंगाबाद के अस्पताल में जल्द शुरू होगा मॉड्यूलर ओटी, मरीजों को मिलेगी आधुनिक सर्जरी की सुविधा

दाउदनगर अनुमंडलीय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है. यहां अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (OT) का निर्माण तेजी से चल रहा है और जल्द ही यह मरीजों के लिए खोल दिया जाएगा. इससे स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी.

Aurangabad News: दाउदनगर अनुमंडलीय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. बिहार सरकार की पहल पर यहां अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (OT) का निर्माण तेजी से चल रहा है. निर्माण कार्य लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है और संभावना है कि एक से दो सप्ताह के भीतर इसे मरीजों के लिए शुरू कर दिया जाएगा. इसके चालू होने से दाउदनगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों मरीजों को आधुनिक, सुरक्षित और संक्रमणमुक्त सर्जरी की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिलेगी.

मॉड्यूलर OT से सर्जरी होगी अधिक सुरक्षित

वर्तमान में अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन थिएटर के माध्यम से सिजेरियन सहित अन्य सामान्य ऑपरेशन किए जाते हैं. मॉड्यूलर OT शुरू होने के बाद सर्जरी की गुणवत्ता और सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा. इसमें विशेष एयर फिल्ट्रेशन सिस्टम, नियंत्रित तापमान, स्टेराइल वातावरण और आधुनिक चिकित्सा उपकरण लगाए जा रहे हैं. इससे ऑपरेशन के दौरान संक्रमण का खतरा काफी कम होगा और मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत भी घटेगी.

आधुनिक तकनीक से लैस होगा ऑपरेशन थिएटर

अनुमंडलीय अस्पताल की प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. शांता कुमारी ने बताया कि मॉड्यूलर OT पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस होगा. इसमें ऑपरेशन से जुड़े सभी उपकरण स्टेरलाइज रहेंगे और नियंत्रित वातावरण में सुरक्षित सर्जरी की सुविधा मिलेगी. उन्होंने कहा कि इससे अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा.

सिजेरियन के साथ कई अन्य ऑपरेशन भी होंगे

मॉड्यूलर OT शुरू होने के बाद सिजेरियन ऑपरेशन के अलावा आंखों की सर्जरी, हर्निया और अन्य सामान्य ऑपरेशन भी बेहतर तरीके से किए जा सकेंगे. इस परियोजना का निर्माण बिहार चिकित्सीय सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के माध्यम से कराया जा रहा है.

विशेषज्ञ डॉक्टर और ऑक्सीजन व्यवस्था की जरूरत

अस्पताल में सर्जन के दो स्वीकृत पद हैं, लेकिन फिलहाल केवल एक सर्जन कार्यरत हैं. तीन स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ ऑपरेशन कर रहे हैं, जबकि नेत्र सहित कई विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है. इसके अलावा अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट पिछले करीब दो वर्षों से तकनीकी खराबी और टेक्नीशियन की कमी के कारण बंद है. फिलहाल 30 बड़े ऑक्सीजन सिलेंडरों के जरिए मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है. स्वास्थ्यकर्मियों का मानना है कि मॉड्यूलर OT के सफल संचालन के लिए इन व्यवस्थाओं को भी मजबूत करना जरूरी होगा.

स्थानीय मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ

मॉड्यूलर OT शुरू होने के बाद दाउदनगर और आसपास के लोगों को छोटे-बड़े ऑपरेशन के लिए दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा. स्थानीय स्तर पर बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा मिलने से मरीजों का समय और खर्च दोनों बचेंगे.

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