Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के चपरा-अंबा स्थित पंचदेव धाम परिसर में जड़ी-बूटी दिवस के अवसर पर पंचदेव धाम समिति एवं पतंजलि महिला समिति के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य औषधीय पौधों के संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा प्राकृतिक व स्वस्थ जीवनशैली के प्रति समाज को जागरूक करना था.
महिलाओं ने किया पौधरोपण, नियमित देखभाल का लिया संकल्प
कार्यक्रम का नेतृत्व पंचदेव धाम महिला समिति की अध्यक्ष सारिका ने किया. इस दौरान किरण, स्वीटी, संगीता, आरती सहित पतंजलि परिवार की बड़ी संख्या में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. उपस्थित महिलाओं ने धाम परिसर में नीम, तुलसी, गिलोय, एलोवेरा सहित विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे लगाए और उनकी नियमित देखभाल व सुरक्षा का संकल्प लिया.
"प्राचीन चिकित्सा पद्धति और धरोहर का हिस्सा हैं जड़ी-बूटियां"
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जड़ी-बूटियां हमारी प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति (आयुर्वेद) और प्राकृतिक धरोहर का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. इनके संरक्षण से न केवल पर्यावरण संतुलित और स्वच्छ रहता है, बल्कि मानव स्वास्थ्य को भी असाध्य रोगों से सुरक्षा मिलती है. वक्ताओं ने आम लोगों से अपने घरों व आसपास अधिक से अधिक औषधीय एवं छायादार पौधे लगाने की अपील की.
योग और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने पर बल
कार्यक्रम के दौरान पौधरोपण के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण, योग और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई. उपस्थित महिलाओं ने समाज को संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है और हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी पूरी देखभाल अवश्य करनी चाहिए.
