औरंगाबाद: ओबरा में महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति की वार्षिक आमसभा, वित्तीय वर्ष में 37.25 लाख रुपये का हुआ शुद्ध लाभ

ओबरा में महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति की वार्षिक आमसभा आयोजित। समिति ने वित्तीय वर्ष में 37.25 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर महिला सशक्तिकरण को बढ़ाया।

Aurangabad News: जिले के ओबरा प्रखंड मुख्यालय स्थित गौतम बुद्ध सभागार में मंगलवार को महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, ओबरा की वार्षिक प्रतिनिधि आमसभा का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति की अध्यक्ष संगीता देवी ने की, जबकि मंच संचालन अजय कुमार द्वारा किया गया.

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन ओबरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) डॉ. मनोज कुमार, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (BCSO), जीविका की बीपीएम सविता कुमारी, टीओ प्रवीण कुमार और एसी अजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस अवसर पर समिति से जुड़ी जीविका दीदियों एवं महिला सदस्यों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर आगत अतिथियों का अभिनंदन किया.

वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹37.25 लाख का शुद्ध मुनाफा

आमसभा में समिति के मुख्य कार्यपालक अजय कुमार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का वार्षिक वित्तीय लेखा-जोखा एवं प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया:

  • प्रतिवेदन के अनुसार, समिति ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए कुल 37 लाख 25 हजार 610 रुपये का शुद्ध लाभ (Net Profit) अर्जित किया है.
  • सभा में समिति की वर्तमान वित्तीय सुदृढ़ता, वार्षिक आय-व्यय और आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजनाओं को सदन के पटल पर रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया.

2007 से महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में जुटी है समिति

वक्ताओं ने बताया कि इस सहकारी समिति की स्थापना वर्ष 2007 में की गई थी. स्थापना काल से ही यह समिति ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और महिला सशक्तीकरण की दिशा में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रही है.

वार्षिक आमसभा के आयोजन में 37.25 लाख रुपये का हुआ लाभ । | Prabhat Khabar Network

जीविका परियोजना के समन्वय से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जोड़कर विभिन्न आर्थिक और स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है:

  • वित्तीय सहायता: बैंकों से लिंकेज और आसान शर्तों पर सूक्ष्म ऋण (माइक्रो लोन) की उपलब्धता.
  • कृषि एवं पशुपालन: दुग्ध उत्पादन, बकरी पालन, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन और मशरूम की उन्नत खेती.
  • सूक्ष्म उद्यम: किराना स्टोर, सब्जी दुकान, मिष्ठान्न भंडार सहित विभिन्न स्थानीय व्यवसायों की स्थापना.

सामाजिक सुरक्षा व स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने की पहल

समिति द्वारा आर्थिक स्वावलंबन के साथ-साथ सतत जीविकोपार्जन योजना (SJY), पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता तथा आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण जैसी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीण महिलाओं और उनके परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है. समारोह में उपस्थित अतिथियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने समिति के पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन और महिला सशक्तीकरण के प्रयासों की सराहना करते हुए इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

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By ब्रजेश द्विवेदी

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