बिहार में बदलाव लाने का सामाजिक व गैर राजनीतिक प्रयास है महापरिवर्तन आंदोलन : विनय

बिहार के 12 जिलों में महा परिवर्तन आंदोलन चलाया जा रहा

दाउदनगर. महा परिवर्तन आंदोलन के सूत्रधार रिटायर्ड डीजी (जेल) एवं जेल सुधार समिति उत्तराखंड के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने बारुण रोड स्थित एक क्लिनिक में महा परिवर्तन आंदोलन को लेकर एक बैठक की. बिहार के 12 जिलों में महा परिवर्तन आंदोलन चलाया जा रहा है, जिनमें औरंगाबाद समेत छह जिलों में पूरी सघनता के साथ चलाया जा रहा है. प्रखंड स्तर पर कमेटी गठित की जा रही है. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि महा परिवर्तन आंदोलन बिहार में बदलाव लाने, एकता स्थापित करने और बिहार की दयनीय स्थिति के बारे में जागरूकता फैलाने का एक सामाजिक और गैर राजनीतिक प्रयास है. हमारा मानना है कि बिहार का उद्धार कोई भी राजनेता राजनीतिक दल और सरकार नहीं कर सकती क्योंकि अगर करना होता तो 77 साल में कर चुकी होती. इसलिए अब जनता को आगे आना होगा. पांच मूल सिद्धांतों पर काम किया जा रहा है. गांव के हर विवादों का निपटारा गांव में ग्राम वासियों द्वारा किया जाना चाहिए. शिक्षा का स्तरीय विकास हो. स्वास्थ्य एवं स्वच्छता अभियान चलाया जाये. कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार का उन्मूलन होना चाहिए. किसी भी जाति और पार्टी के अच्छे उम्मीदवार को जाति और पार्टी से अलग हटकर चुना जाये. प्रखंड की समस्याओं के लिए प्रखंड स्तरीय शिष्टमंडल बनाया जा रहा है, जो प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी से मिलकर समाधान करने का प्रयास करेंगे. जिला स्तरीय शिष्टमंडल जिला स्तर पर पदाधिकारी से मिलकर समाधान कराने का प्रयास करेंगे. राज्य स्तरीय शिष्टमंडल राज्य स्तर पर संबंधित पदाधिकारी से मिलकर समस्याओं का समाधान करायेगी. इस प्रकार जनता की लगभग 80 प्रतिशत समस्याओं का समाधान कराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अगर सोच बदलेगा तो समाज बदलेगा. समाज बदलेगा तो राजनीति बदलेगी और राजनीति बदलेगी तो सरकार अच्छी आयेगी. राजनीति आज जनता को तोड़ रही है. हर जगह दीवार खड़ा कर रही है. महा परिवर्तन आंदोलन का मूल सिद्धांत राजनीति से अलग है. उन्होंने कहा कि महा परिवर्तन आंदोलन हर जिले में प्रत्याशी समीक्षा समिति बनाएगी. यह समिति प्रत्याशियों के शिक्षा समाज सेवा समेत अन्य निर्धारित मापदंडों पर समीक्षा करने के बाद आम जनता को प्रेस के माध्यम से अपना विचार देगी कि कि ये प्रत्याशी हमारे दृष्टि से अच्छे लगते हैं, बाकी आप समझें. अगर कोई अच्छा नहीं दिखेंगे तो कह दिया जाएगा कि कोई अच्छे नहीं हैं.इससे पार्टियों पर एक नैतिक दबाव पड़ेगा. इसका आने वाले समय में जबरदस्त असर देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा कि बिहार की मिट्टी के प्रति हमारा कुछ कर्तव्य है. मौके पर डॉ हरेंद्र कुमार सिंह, रामजन्म सिंह यादव, विनय सिंह, योगेंद्र यादव, विजेंद्र यादव, नवलेश कुमार, प्रिंस कुमार आदि उपस्थित थे.

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By Sujit kumar

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