औरंगाबाद: बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर से मानसून सक्रिय, 20 और 21 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी

औरंगाबाद और आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो प्रेशर एरिया के कारण मानसून के फिर से सक्रिय होने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने मेघगर्जन और वज्रपात के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

Aurangabad News: औरंगाबाद सहित आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज अगले एक से दो दिनों के भीतर पूरी तरह से बदलने वाला है. मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने जिले में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस मानसूनी बारिश के सक्रिय होने से वातावरण के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे पिछले कई दिनों से चिलचिलाती धूप और उमस भरी भीषण गर्मी झेल रहे आम जनजीवन को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

लो प्रेशर एरिया होने लगा सक्रिय

औरंगाबाद के अंबा और ग्रामीण इलाकों में पिछले करीब एक सप्ताह से मानसून का प्रभाव पूरी तरह कमजोर पड़ गया था. क्षेत्र में बारिश नहीं होने और तेज धूप के कारण आम लोगों की बेचैनी बढ़ गई थी, वहीं पानी के अभाव में स्थानीय किसान पूरी तरह हताश हो चुके थे. इस बीच मौसम विभाग से राहत भरी खबर आई है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर एक मजबूत लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) बनना शुरू हो गया है, जिससे मानसून को भारी रफ्तार मिल रही है.

एक हफ्ते तक होगी झमाझम बारिश

कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनूप कुमार चौबे ने मौसम की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि इस मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने की वजह से अगले एक हफ्ते तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बेहद तेज होंगी. इसके प्रभाव से औरंगाबाद सहित पूरे दक्षिण-पश्चिम बिहार में आगामी 21 जुलाई तक तेज हवाओं और मेघगर्जन के साथ हल्के से लेकर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है.

बीस जुलाई को सबसे भारी अलर्ट

औरंगाबाद जिले में मौसम विज्ञान केंद्र, पटना द्वारा जारी आधिकारिक पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 20 जुलाई को जिले के अधिकांश प्रखंडों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा 19 और 21 जुलाई को भी जिले भर में मध्यम दर्जे की मानसूनी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है. मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि धान की पारंपरिक खेती के लिए इस चालू सीजन में अभी तक एक दिन भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, जिससे फसलें सूखने की कगार पर थीं.

नदियों में बाढ़ आने की आशंका

औरंगाबाद के खेतिहर और किसान अब तक अच्छी मानसूनी बारिश के इंतजार में आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे थे. इस दौरान भारी बारिश होने की नई संभावना से किसानों में खेती को लेकर एक बार फिर उम्मीद जग गई है और वे धान की रोपनी की तैयारियों में जुट गए हैं. हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी देते हुए यह भी कहा है कि इस बार की लगातार और मूसलाधार बारिश से जिले की प्रमुख नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आने की गंभीर संभावना है.

Also Read: औरंगाबाद: बारुण में 19 और 20 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी, वरीय उप समाहर्ता ने की आपात बैठक


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ambuj kumar

Published by: Vikash Jha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >