देव में 25 से 28 अक्तूबर तक लगेगा कार्तिक छठ मेला, तैयारी में जुटा प्रशासन

समीक्षा के दौरान डीएम ने संबंधित अधिकारियों को दिये आवश्यक निर्देश

समीक्षा के दौरान डीएम ने संबंधित अधिकारियों को दिये आवश्यक निर्देश

औरंगाबाइद शहर. सूर्य नगरी देव में 25 से 28 अक्तूबर तक कार्तिक छठ मेले का आयोजन किया जायेगा. इसकी तैयारी में जिला प्रशासन जुट गया है. शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मेले की तैयारी एवं विधि-व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई. इसकी अध्यक्षता डीएम श्रीकांत शास्त्री और पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल ने संयुक्त रूप से की. डीएम ने बताया कि देव कार्तिक छठ मेला 25 से 28 अक्तूबर तक आयोजित होगा, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं और व्रतियों का आगमन होगा. उन्होंने कहा कि आवास व्यवस्था, पेयजल, सुरक्षा, सड़क और अधोसंरचना से जुड़ी सभी तैयारी प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं.

आवासन की व्यवस्था

व्रतियों और श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए मेला क्षेत्र में नौ स्थलों को चिह्नित किया गया है. इनमें राजा जगन्नाथ उच्च विद्यालय का मैदान, विद्यालय के पश्चिम का भाग, मालेनगर के पास, हरिकीर्तन बिगहा, पैक्स गोदाम का उत्तरी भाग, थाना परिसर के समीप, सिंचाई कॉलोनी का मैदान, चांदपुर मध्य का मैदान, संत विजय दास धर्मशाला (बहुआरा मोड़) तथा नरची गेट के पास दिवाकर नगर शामिल हैं. इन स्थलों पर टेंट, पंडाल, लाइटिंग, जेनरेटर और दरी आदि की व्यवस्था बीआरबीसीएल नवीनगर, एनएसपीटीएस नवीनगर, श्री सीमेंट औरंगाबाद, विभिन्न बैंकों और अंचलाधिकारी औरंगाबाद के सहयोग से करायी जायेगी.

सुरक्षा व विधि व्यवस्था

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, विशेषकर महिला पुलिस बल की तैनाती होगी. तालाब परिसर और मेला क्षेत्र में अवैध गुमटी या मांस-मछली की दुकान लगाने पर रोक रहेगी. स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाने का निर्देश भी दिया गया है. विधि-व्यवस्था प्रबंधन समिति का गठन किया गया है, जिसमें अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को दायित्व सौंपा गया है.

पेयजल और स्वास्थ्य सुविधा

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिया गया है कि सभी बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत की जाए और मेला अवधि में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाये. आवश्यकता पड़ने पर टैंकर भी लगाए जायेंगे. चिकित्सा सुविधा के लिए सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया कि मेला क्षेत्र में अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित किया जाये. साथ ही, एंबुलेंस, स्ट्रेचर, जीवनरक्षक दवाएं और महिला-पुरुष विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उपलब्ध रहेगी.

यातायात व पार्किंग

मेला अवधि में यातायात प्रबंधन समिति वाहनों की आवाजाही और पार्किंग की व्यवस्था देखेगी. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पर्याप्त पार्किंग स्थल चिह्नित किए जाये. अग्निशमन विभाग को भी निर्देश दिया गया है कि सूर्यकुंड के पास और ब्लॉक परिसर में अग्निशमन वाहन 24 घंटे उपलब्ध रहें. आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों की भी तैनाती होगी. सूर्यकुंड तालाबों पर लाइफ जैकेट, गोताखोर और अन्य सुरक्षा उपकरण की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जायेगी.

नियंत्रण कक्ष और निगरानी

मेला क्षेत्र के प्रमुख स्थानों, सूर्य मंदिर के गर्भगृह और अर्घ्य स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित होगा, जहां दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी की तैनाती होगी. आवश्यकता अनुसार वॉलंटियर्स और एनसीसी कैडेट्स को भी जिम्मेदारी दी जायेगी.

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