Aurangabad News : झारखंड से आए एक दंपती ने सोमवार को औरंगाबाद में एक बालिका को विधिवत गोद लिया. समाहरणालय स्थित डीएम चैंबर में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की उपस्थिति में दत्तक ग्रहण (एडॉप्शन) की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न कराई गई.
जिला बाल संरक्षण इकाई के सहयोग से पूरी हुई प्रक्रिया
बालिका विजेता को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) के सहयोग से दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई. दंपती ने बालिका को अपने परिवार का हिस्सा बनाते हुए उसके बेहतर भविष्य, शिक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी स्वीकार की.
हर बच्चे को बेहतर भविष्य का अधिकार : डीएम
इस अवसर पर जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को प्रेम, सुरक्षा, शिक्षा और बेहतर भविष्य का अधिकार है. उन्होंने कहा कि दत्तक ग्रहण जैसी व्यवस्था बच्चों को परिवार आधारित देखभाल, स्नेह और सम्मानजनक जीवन का अवसर प्रदान करती है. ऐसे प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं.
कार्यक्रम में मौजूद रहे अधिकारी
दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे. सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालिका को दंपती को सौंप दिया गया.
