Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के बारुण थाना परिसर में दीप ज्योति कल्याण संस्थान द्वारा मानव तस्करी, बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के विरुद्ध एक विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के प्रति जागरूक करना और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए स्थानीय समुदाय को सशक्त बनाना था.
पुलिस और प्रशासन सतर्क, समाज का सहयोग जरूरी: थानाध्यक्ष
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बारुण थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने कहा कि मानव तस्करी न केवल एक संगीन कानूनी अपराध है, बल्कि यह मानवता के नाम पर कलंक है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस और प्रशासन इस दिशा में पूरी तरह सतर्क हैं, लेकिन समाज के सक्रिय सहयोग के बिना इस पर पूरी तरह अंकुश लगाना संभव नहीं है. उन्होंने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को देने की अपील की.
झूठे प्रलोभनों से बचें, बच्चों को भेजें स्कूल: रितेश कुमार
संस्थान के जिला समन्वयक रितेश कुमार ने बताया कि तस्कर अक्सर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को नौकरी, बेहतर शिक्षा या शादी का झांसा देकर जाल में फंसाते हैं. उन्होंने लोगों को अनजान व्यक्तियों के लुभावने प्रस्तावों से सतर्क रहने तथा बच्चों को बाल श्रम में ढकेलने के बजाय स्कूल भेजने पर जोर दिया.
कानूनी प्रावधानों और सुरक्षा पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान पुलिस पदाधिकारी शत्रुघ्न भगत और रिमझिम कुमार ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए बने कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी. वहीं वीआईपी नेता रंजीत चौधरी व वार्ड सदस्य रामसकल गुप्ता ने कहा कि जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है. मौके पर सीएसडब्ल्यू सरिता कुमारी और जपिल कुमार समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे और इस सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट रहने का संकल्प लिया.
