आधे घंटे की बारिश में डूबे दाउदनगर के दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग, जल निकासी व्यवस्था की खुली पोल

Aurangabad News : दाउदनगर में सिर्फ आधे घंटे की बारिश ने राष्ट्रीय राजमार्गों की बदहाल जल निकासी व्यवस्था को उजागर कर दिया। एनएच-120 और एनएच-139 पर हुए भारी जलजमाव ने राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है।

Aurangabad News : शनिवार दोपहर हुई महज आधे घंटे की बारिश ने दाउदनगर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी. बारिश थमने के बाद भी एनएच-120 (दाउदनगर–गोह–गया मार्ग) और एनएच-139 (औरंगाबाद–दाउदनगर–पटना मार्ग) के कई हिस्सों में सड़क पर भारी जलजमाव हो गया. इससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

बाजार समिति से भखरुआं मोड़ तक पानी से लबालब रही सड़क

एनएच-120 पर बाजार समिति से लेकर भखरुआं मोड़ तक कई स्थानों पर सड़क और उसके किनारों पर पानी जमा हो गया. वहीं एनएच-139 पर तिवारी मुहल्ला सहित अन्य इलाकों में भी सड़कें पानी से लबालब नजर आईं. जलजमाव के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को भी जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ा.

जाम नालों के कारण सड़क पर भर रहा बारिश का पानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे जल निकासी के लिए बड़े-बड़े नाले बनाए गए हैं, लेकिन उनकी नियमित सफाई नहीं होने से वे पूरी तरह जाम पड़े हैं. इसके कारण बारिश का पानी नालों में जाने के बजाय सड़कों पर ही जमा हो जाता है. लोगों ने यह भी बताया कि कई स्थानों पर नालों की ऊंचाई सड़क से अधिक होने के कारण भी जल निकासी प्रभावित होती है.

औपचारिक सफाई से नहीं निकल रहा स्थायी समाधान

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि संबंधित एजेंसियां समय-समय पर नालों की समुचित सफाई नहीं कराती हैं, जिसके कारण हर बारिश में यही स्थिति उत्पन्न हो जाती है. व्यवसायिक और यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण भखरुआं मोड़ पर भी जलजमाव देखने को मिला. हालांकि हाल के दिनों में यहां नाली की सफाई कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद सड़क पर पानी जमा रहा. इससे लोगों ने सफाई व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.

टूटे ड्रेनेज ढक्कनों से बढ़ा हादसे का खतरा

स्थानीय लोगों ने बताया कि कई स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग के ड्रेनेज सिस्टम के ढक्कन टूट चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें बदला नहीं गया है. बाजार समिति के आसपास भी कई नाले खुले पड़े हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. बरसात के दौरान जलभराव होने पर खुले नाले दिखाई नहीं देते, जिससे राहगीरों के गिरने का खतरा और बढ़ जाता है.

नियमित सफाई और तकनीकी जांच की उठी मांग

स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभाग से नालों की नियमित सफाई, जल निकासी व्यवस्था की तकनीकी जांच तथा टूटे हुए ड्रेनेज ढक्कनों को शीघ्र बदलने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आगामी दिनों में लगातार होने वाली बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या और गंभीर हो सकती है. इसका असर आम लोगों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों और यातायात व्यवस्था पर भी पड़ेगा.

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Author: Om Prakash

Published by: Yuvraj Ratan

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