औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड में पिछले चार दिनों से हो रही लगातार बारिश ने गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. महुआंव पंचायत के मंगरू बिगहा गांव में बीती रात हुई तेज बारिश के बीच दलित और महादलित परिवारों के कई मिट्टी के मकान अचानक भरभरा कर गिर गये. मकान ध्वस्त होने से परिवारों को काफी नुकसान हुआ है और उनके सामने अब सिर छिपाने की समस्या खड़ी हो गयी है.
हालांकि, मकान गिरने के समय परिवार के लोगों ने सतर्कता बरती, जिससे बड़ा हादसा टल गया. घरों के अचानक गिरने के बावजूद सभी लोग बाल-बाल बच गये.
कई गरीब परिवारों के घर हुए ध्वस्त
जानकारी के अनुसार, अत्यधिक बारिश के कारण मंगरू बिगहा निवासी महेंद्र मिस्त्री, जी संतन पासवान, कमलेश राम समेत अन्य गरीब परिवारों के मिट्टी के मकान अचानक ध्वस्त हो गये. बारिश के कारण पहले से कमजोर हो चुके मिट्टी के मकान तेज पानी को नहीं झेल सके.
मकान गिरने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. पीड़ित परिवारों के पास फिलहाल सुरक्षित और उचित जगह नहीं है, जहां वे अपने परिवार के साथ रह सकें.
सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक कमलेश कुमार बिकल ने मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने पीड़ित परिवारों को तत्काल सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.
कमलेश कुमार बिकल ने जिला पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी और अंचल अधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से घटना की जानकारी दी और प्रभावित परिवारों के लिए राहत की मांग की.
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराने का दावा करती है
उन्होंने कहा कि सरकार गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन मंगरू बिगहा में गरीब परिवार आज भी जर्जर मिट्टी के घरों में रहने को मजबूर हैं. प्रभावित परिवारों को अब तक आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है.
उन्होंने मांग की कि मकान गिरने से प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता राशि देने के साथ रहने की वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध करायी जाये. उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र सहायता नहीं मिली तो जिला पदाधिकारी से मिलकर दोबारा इस मामले को उठाया जायेगा.
सीओ ने सहायता का भरोसा दिया
इधर, अंचल अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि पीड़ित परिवारों से संपर्क किया जायेगा. सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि नियमानुसार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जायेगा.
उन्होंने बताया कि इसके लिए वरीय पदाधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जायेगी.
