Aurangabad News : औरंगाबाद जिले के गोह स्थित मध्य विद्यालय ने रविवार को अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भव्य शताब्दी समारोह का आयोजन किया. वर्ष 1926 में स्थापित इस ऐतिहासिक विद्यालय की शताब्दी पर शिक्षा, संस्कार और सामाजिक योगदान की गौरवशाली परंपरा को याद किया गया. समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया.
दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. इसके बाद विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य और देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया. विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरे समारोह में उत्सव जैसा माहौल बना रहा.
विधायक ने शिक्षा को बताया समाज की सबसे बड़ी ताकत
समारोह को संबोधित करते हुए गोह विधायक अमरेंद्र कुमार ने कहा कि मध्य विद्यालय गोह ने एक शताब्दी के दौरान हजारों विद्यार्थियों को शिक्षित कर समाज को नई दिशा देने का कार्य किया है. उन्होंने विद्यालय की गौरवशाली परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार है और ऐसे संस्थान समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
वक्ताओं ने विद्यालय के योगदान को सराहा
कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. परवेज आलम, दयाशंकर बाबू, अशोक सिंह, बिट्टू सिंह, नंदलाल जी, मनोज सिंह, अवधेश नंदन जी, नवल जी, नागेंद्र जी तथा शिक्षक रंजीत कुमार सहित कई गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए. सभी वक्ताओं ने विद्यालय के 100 वर्षों के शैक्षणिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है और भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा.
शिक्षकों और विशिष्ट योगदानकर्ताओं को किया गया सम्मानित
शताब्दी समारोह के अवसर पर विद्यालय के पूर्व एवं वर्तमान शिक्षकों तथा विशिष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया. वक्ताओं ने विद्यालय की उपलब्धियों, पूर्व छात्रों की सफलताओं और समाज के सहयोग का उल्लेख करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने का संकल्प दोहराया.
शिक्षा, संस्कार और प्रगति का दिया संदेश
समारोह का मुख्य संदेश '100 वर्षों की गौरवशाली विरासत. शिक्षा, संस्कार और प्रगति की नई उड़ान.' रहा. उपस्थित लोगों ने विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया और अगले 100 वर्षों तक शिक्षा की इस गौरवशाली परंपरा को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया.
विद्यालय परिवार की रही अहम भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय परिवार, शिक्षकों, कर्मचारियों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों तथा स्थानीय ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. शताब्दी समारोह पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बन गया.
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