औरंगाबाद: कासमा स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, औरंगाबाद में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए मंगलवार से पांच दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम की शुरुआत हुई. एक अगस्त तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विभिन्न विभागों, उपलब्ध संसाधनों, अनुशासन और तकनीकी शिक्षा की कार्यसंस्कृति से परिचित कराना है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत कर सकें.
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत मणि ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि इंडक्शन प्रोग्राम केवल संस्थान से परिचय का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नैतिक मूल्यों, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुणों के विकास का भी महत्वपूर्ण अवसर है. उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच, कड़ी मेहनत और अनुशासित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया.
संस्थान की व्यवस्थाओं और छात्र सुविधाओं की दी गई जानकारी
महाविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. राय चन्द्र शेखर प्रसाद ने विद्यार्थियों को संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था, नियमों और छात्र सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना ही विद्यार्थियों को सफलता के शिखर तक पहुंचाती है.
पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली और नवाचार पर विशेष सत्र
अकादमिक प्रभारी प्रो. चंदन कुमार ने छात्रों को पाठ्यक्रम संरचना, परीक्षा प्रणाली, क्रेडिट आधारित शिक्षा प्रणाली (CBCS) तथा अकादमिक उत्कृष्टता के महत्व से अवगत कराया. उन्होंने नियमित अध्ययन, शोध और नवाचार गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया.
इन विषयों पर मिलेगा विशेष मार्गदर्शन
इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान विद्यार्थियों को महाविद्यालय के विभिन्न विभागों, आधुनिक प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ, नवाचार एवं उद्यमिता गतिविधियों, खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों, छात्र कल्याण योजनाओं तथा एंटी-रैगिंग नियमों की जानकारी दी जाएगी.
इसके अलावा योग, स्वास्थ्य एवं मानसिक कल्याण, व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, पर्यावरण संरक्षण, मानव मूल्य और करियर मार्गदर्शन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के व्याख्यान एवं संवाद सत्र भी आयोजित किए जाएंगे.
कार्यक्रम के सफल संचालन में समन्वयक प्रो. आरती कुमार, डॉ. राकेश रोशन, प्रो. जितेंद्र कुमार यादव एवं डॉ. प्रमोद कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
इसे भी पढ़ें- बिहार स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट: जेल से जल्द बाहर आएंगे छात्र, सरकार के आदेश के बाद जारी हुआ रिलीज ऑर्डर
