औरंगाबाद में खाद की कालाबाजारी पर सख्ती, दो प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी, 28 निलंबित

Aurangabad News : औरंगाबाद में उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन सख्त. दो प्रतिष्ठानों पर FIR, दो के लाइसेंस रद्द और 28 को निलंबित किया गया. पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें.

Aurangabad News : बुधवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कृषि विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में खरीफ मौसम में उर्वरक की उपलब्धता, किसानों को उचित मूल्य पर खाद मुहैया कराने तथा उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर रोक लगाने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई.

खरीफ मौसम में उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा

बैठक में जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी से उर्वरक की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली. जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि खरीफ मौसम में यूरिया के 40,000 मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 33,146 मीट्रिक टन, डीएपी के 10,000 मीट्रिक टन के विरुद्ध 6,432 मीट्रिक टन, एनपीके के 10,000 मीट्रिक टन के विरुद्ध 9,202 मीट्रिक टन, एसएसपी के 3,700 मीट्रिक टन के विरुद्ध 10,671 मीट्रिक टन तथा एमओपी के 3,000 मीट्रिक टन के विरुद्ध 1,006 मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त हुआ है.

कालाबाजारी रोकने के लिए सभी प्रखंडों में छापामार दल गठित

किसानों को उचित मूल्य पर सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिले में उर्वरक विक्रेताओं की नियमित जांच का निर्देश दिया गया है. कालाबाजारी, जमाखोरी, तस्करी और मुनाफाखोरी पर रोक लगाने तथा उर्वरकों के मूल्य नियंत्रण के लिए जिला कृषि कार्यालय द्वारा सभी प्रखंडों में छापामार दलों का गठन किया गया है. इसके अलावा सभी उर्वरक बिक्री प्रतिष्ठानों पर क्षेत्रीय कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो अपनी देखरेख में उर्वरक की बिक्री सुनिश्चित करेंगे.

बिक्री केंद्रों पर मूल्य तालिका लगाने का निर्देश

जिला पदाधिकारी ने उर्वरक विक्रेताओं को मशीन में दर्ज विवरण के अलावा भंडार एवं बिक्री पंजी का नियमित संधारण करने का निर्देश दिया. साथ ही सभी बिक्री केंद्रों पर प्रतिष्ठान का बोर्ड, भंडार की स्थिति और मूल्य तालिका प्रदर्शित करने को कहा गया. छापामार दलों को भी उर्वरक विक्रेताओं की सघन जांच करते हुए किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया गया.

गड़बड़ी पर दो प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी, 28 निलंबित

जिले के खुदरा उर्वरक विक्रेताओं द्वारा उर्वरक बिक्री में गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की गई है. दो उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है, जबकि दो प्रतिष्ठानों का लाइसेंस रद्द किया गया है. वहीं 28 उर्वरक प्रतिष्ठानों को निलंबित किया गया है और 54 प्रतिष्ठानों से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

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डीएपी के विकल्प के रूप में फॉस्फेटिक उर्वरकों के उपयोग की सलाह

बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक ने डीएपी के विकल्प के रूप में उपलब्ध फॉस्फेटिक उर्वरकों के इस्तेमाल की सलाह दी. उन्होंने सिंगल सुपर फॉस्फेट, एपीएस मिक्सचर तथा फॉस्फेट सॉल्युबिलाइजिंग बैक्टीरिया के उपयोग के बारे में जानकारी दी. उन्होंने किसानों को उपलब्ध विकल्पों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करने की सलाह दी.

सभी पैक्सों को उर्वरक एवं बीज प्राधिकार पत्र बनाने का निर्देश

जिला पदाधिकारी ने जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिला कृषि पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर जिले के सभी पैक्सों को उर्वरक एवं बीज प्राधिकार पत्र बनाने के लिए प्रेरित करें. उन्होंने किसानों को समय पर उर्वरक एवं बीज उपलब्ध कराने और कृषि व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

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लेखक के बारे में

By सुजीत कुमार सिंह

सुजीत कुमार सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. क्राइम की खबरों की गहरी समझ है. वर्ष 2014 से प्रभात खबर औरंगाबाद में ब्यूरो चीफ की जिम्मेवारी संभाल रहे हैं. सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज, औरंगाबाद से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की.

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