नवीनगर में नहर में मिला 68 वर्षीय व्यक्ति का शव, तीन दिन से थे लापता

औरंगाबाद के नबीनगनर में 68 वर्षीय किसान रामाशीष यादव का शव होलया छोटकी नहर में मिलने से सनसनी फैल गई. तीन दिनों से लापता किसान की पहचान होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मामले की जांच की जा रही है.

औरंगाबाद के नवीनगर के होलया छोटकी नहर में डूबने से 68 वर्षीय किसान रामाशीष यादव की मौत हो गई. बुधवार की सुबह गांव के समीप नहर में शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. शव की पहचान शंकरपुर गांव निवासी स्व. बासु यादव के पुत्र रामाशीष यादव के रूप में हुई है. वह पिछले तीन दिनों से घर से लापता थे.

तीन दिन से घर से लापता थे रामाशीष

परिजनों के अनुसार, रामाशीष यादव तीन दिनों से अचानक घर से गायब थे. उनके लापता होने के बाद परिवार के लोग लगातार उनकी खोजबीन कर रहे थे. परिजन और ग्रामीण आसपास के इलाकों में उनकी तलाश कर रहे थे.

रामाशीष यादव मजदूरी का काम करते थे. परिजनों को आशंका थी कि वह किसी स्थान पर मजदूरी करने गए होंगे और काम खत्म होने के बाद वापस घर लौट आएंगे. इसी बीच बुधवार की सुबह गांव के पास स्थित होलया छोटकी नहर में एक व्यक्ति का शव दिखाई दिया.

शव मिलने की सूचना गांव में तेजी से फैल गई. इसके बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान रामाशीष यादव के रूप में की. घटना की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस को दी गई.

ग्रामीणों की मदद से शव नहर से निकाला

सूचना मिलने के बाद मुखिया आमोद चंद्रवंशी और राजद प्रखंड अध्यक्ष जगन यादव समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों की मदद से शव को नहर से बाहर निकाला गया. इसके बाद उसे नवीनगर रेफरल अस्पताल ले जाया गया.

अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद रामाशीष यादव को मृत घोषित कर दिया. घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

घटना की सूचना मिलने पर नवीनगर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली. थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि परिजनों से जरूरी पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद भेज दिया गया है. पुलिस के अनुसार, मौत के कारणों की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की स्थिति और कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

रामाशीष यादव की मौत की खबर से शंकरपुर गांव में मातम पसर गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीणों ने बताया कि रामाशीष यादव मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे.

उनकी मौत से परिवार के सामने दुख के साथ आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है. घटना को लेकर ग्रामीणों में भी शोक का माहौल है.

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By सौरभ कुमार सिंह

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