Aurangabad News : अंबा बाजार से नवीनगर जाने वाली मुख्य सड़क इन दिनों धूल के गुबार और बड़े-बड़े गड्ढों से बेहाल है. वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए रॉ मटेरियल की ढुलाई में लगे भारी वाहनों के लगातार परिचालन से सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है. वाहन गुजरते ही सड़क पर धूल का गुबार उठता है, जो आसपास की दुकानों और घरों तक पहुंच रहा है. इससे सड़क किनारे रहने वाले लोगों और दुकानदारों को काफी परेशानी हो रही है.
भारी वाहनों के दबाव से सड़क में जगह-जगह गड्ढे
स्थानीय लोगों के अनुसार, पीएनसी कंपनी द्वारा एक्सप्रेसवे निर्माण का कार्य कराया जा रहा है. निर्माण सामग्री की ढुलाई के लिए भारी वाहनों का लगातार परिचालन अंबा-नवीनगर रोड से हो रहा है. वहीं, मेह पुल टूट जाने के कारण एनटीपीसी की ओर जाने वाले भारी वाहन भी इसी रास्ते से गुजर रहे हैं. लगातार बढ़े वाहनों के दबाव से सड़क कई जगह टूट गयी है. जगह-जगह बड़े गड्ढे और कटाव बन गये हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
गड्ढे भरने के 10 दिन बाद ही फिर बिगड़ी सड़क
सड़क की बदहाल स्थिति को देखते हुए पिछले दिनों पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह की पहल पर निर्माण विभाग की ओर से गड्ढों को भरवाया गया था. इससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी थी. लेकिन गड्ढों को भरने के बाद सड़क पर पिच नहीं किये जाने के कारण महज 10 दिनों में ही स्थिति फिर जस की तस हो गयी.
भारी वाहनों के परिचालन और पानी के बहाव से गड्ढों में डाली गयी सामग्री भी उखड़ गयी है. कई स्थानों पर सड़क फिर से गड्ढों में तब्दील हो गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थायी मरम्मत के बिना सड़क की समस्या का समाधान संभव नहीं है.
रॉ मटेरियल की ढुलाई से सड़क पर जमा हो रही रेत
स्थानीय लोगों ने बताया कि एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए रॉ मटेरियल की ढुलाई के दौरान रेत सड़क पर गिरती रहती है. वाहनों के गुजरने पर यही रेत धूल का रूप ले लेती है. दूसरी ओर, पानी जमा होने से सड़क के किनारे कटाव भी हो गया है. कई जगह मुख्य सड़क खाईनुमा हो गयी है. इससे राहगीरों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी हो रही है.
बीस सूत्री अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता, ब्रह्मर्षि विकास व जनकल्याण मंच के अध्यक्ष अजीत कुमार, व्यवसायी हरेंद्र कुमार, डिंपल सिंह, भगवान सोनी, सुरेश गुप्ता, राजेश गुप्ता, राजू गुप्ता व मंतोष शर्मा आदि ने बताया कि धूल के कारण सड़क किनारे रहना और दुकान चलाना मुश्किल हो गया है.
दुकानों और घरों में पहुंच रही धूल
सड़क किनारे के दुकानदारों का कहना है कि दिनभर उड़ने वाली धूल से दुकानों में रखा सामान गंदा हो जाता है. ग्राहकों को भी परेशानी होती है. दुकानदारों को बार-बार सामान की सफाई करनी पड़ती है. वहीं, सड़क किनारे रहने वाले लोगों को धूल से बचने के लिए खिड़की-दरवाजे बंद रखने पड़ रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन निर्माण एजेंसी को आम लोगों की परेशानी का भी ध्यान रखना चाहिए. सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव होने से धूल की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है.
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
सड़क की बदहाल स्थिति और धूल की समस्या को लेकर प्रखंडवासियों में आक्रोश बढ़ रहा है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने तथा सड़क निर्माण पूरा होने तक प्रतिदिन कम-से-कम दो बार पानी का छिड़काव कराने की मांग की है.
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे. लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के नाम पर आम लोगों को लंबे समय तक धूल और जर्जर सड़क की परेशानी झेलना संभव नहीं है.
पीएनसी को पानी छिड़काव के लिए कहा जायेगा : सीओ
इस संबंध में पूछने पर अंचल अधिकारी चंद्र प्रकाश ने बताया कि सड़क पर धूल की समस्या को देखते हुए पीएनसी कंपनी को पानी का नियमित छिड़काव करने के लिए कहा जायेगा. इससे राहगीरों और आसपास के लोगों को धूल से राहत मिल सकेगी.
