औरंगाबाद में पेपरलेस जमीन रजिस्ट्री का विरोध, दाउदनगर में तीसरे दिन भी दस्तावेज नवीसों की हड़ताल; निबंधन कार्यालय परिसर में पसरा सन्नाटा

बिहार में जमीन रजिस्ट्री को पेपरलेस बनाने के सरकारी फैसले का विरोध शुरू हो गया है. औरंगाबाद के दाउदनगर में दस्तावेज नवीस संघ नई व्यवस्था को अव्यवहारिक बताते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इसका असर आम लोगों की रजिस्ट्री प्रक्रिया पर भी पड़ रहा है.

Document Writers Protest Against Paperless Land Registry : बिहार में जमीन रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस करने की नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही इसका विरोध भी शुरू हो गया है. सरकार ने 17 अगस्त से राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया है. अब जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े काम नई प्रक्रिया के तहत किए जा रहे हैं. वहीं औरंगाबाद जिले के दाउदनगर में दस्तावेज नवीस संघ इस व्यवस्था के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है. हड़ताल के तीसरे दिन भी निबंधन कार्यालय परिसर में दस्तावेज नवीस धरना पर बैठे रहे.

दाउदनगर निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा

प्रांतीय कमेटी के आह्वान पर चल रही हड़ताल के कारण दाउदनगर निबंधन कार्यालय परिसर और आसपास का इलाका सामान्य दिनों की तुलना में शांत रहा. दस्तावेज नवीसों ने कार्यालय परिसर में बैठकर नई पेपरलेस व्यवस्था के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई. उनका कहना है कि नई प्रक्रिया को लेकर कई तरह की व्यवहारिक परेशानियां सामने आ रही हैं, जिनका असर निबंधन से जुड़े काम पर पड़ रहा है.

नई व्यवस्था वापस लेने की मांग

धरना की अध्यक्षता दस्तावेज नवीस संघ के दाउदनगर अध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव ने की. धरना के दौरान दस्तावेज नवीसों ने सरकार से पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लेने की मांग की. दस्तावेज नवीस यमुना सिंह ने कहा कि इसी व्यवस्था के विरोध में वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. उन्होंने मौजूदा स्वरूप की पेपरलेस रजिस्ट्री को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि इस तरीके से काम करना मुश्किल हो रहा है.

दस्तावेज नवीस बोले, आम लोगों की परेशानी भी बढ़ी

दस्तावेज नवीसों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से केवल उनके काम पर असर नहीं पड़ा है, बल्कि जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए आने वाले आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उनका दावा है कि पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया को समझने और उसके अनुसार काम करने में कई तरह की व्यवहारिक दिक्कतें सामने आ रही हैं. इससे निबंधन की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है.

मांग पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल

दस्तावेज नवीसों ने साफ कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. हड़ताल के कारण निबंधन कार्यालय में दस्तावेज तैयार कराने और रजिस्ट्री से जुड़े काम प्रभावित हुए हैं.

धरना में उमेश सिंह, मदन सिंह, लक्ष्मण सिंह, दिलीप कुमार सिंह, जनेश्वर सिंह, शिवनारायण सिंह यादव, प्रमोद कुमार कर्ण, रामभवन सिंह, कमलेश यादव, कृष्णा यादव, श्याम देव सिंह और विजय कुमार समेत अन्य दस्तावेज नवीस मौजूद रहे.

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By ओमप्रकाश

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