Aurangabad News : औरंगाबाद के बारुण प्रखंड में प्रस्तावित 150 मेगावाट ग्रिड कनेक्टेड सोलर पार्क एवं 40 मेगावाट/160 एमडब्ल्यूएच बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. शनिवार को जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने मेह पंचायत के शेखपुरा मौजा स्थित प्रस्तावित परियोजना स्थल का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
भूमि सीमांकन और राजस्व प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम ने परियोजना के लिए चिन्हित भूमि, पहुंच मार्ग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि सीमांकन, राजस्व अभिलेखों का सत्यापन तथा अन्य राजस्व संबंधी प्रक्रियाएं प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरी की जाएं, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया.
किसानों से संवाद और पारदर्शिता पर दिया जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्थानीय किसानों और रैयतों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने, उनकी समस्याओं और सुझावों का संवेदनशील एवं विधिसम्मत समाधान करने तथा भूमि हस्तांतरण एवं अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए.
स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
निरीक्षण के दौरान परियोजना के तकनीकी पहलुओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीजीसीएल) की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 150 मेगावाट क्षमता का ग्रिड कनेक्टेड सोलर पार्क और 40 मेगावाट/160 एमडब्ल्यूएच क्षमता का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। परियोजना शुरू होने के बाद राज्य में स्वच्छ एवं विश्वसनीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी।
नियमित मॉनिटरिंग और समन्वय के दिए निर्देश
डीएम ने परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक अनुमतियां, एनओसी, आधारभूत संरचना, पहुंच मार्ग सहित अन्य पूर्वापेक्षित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग नियमित मॉनिटरिंग और प्रगति की समीक्षा करते हुए बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।
रोजगार और विकास को मिलेगी नई गति
जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई कि परियोजना के पूरा होने के बाद औरंगाबाद अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आधारभूत संरचना का विकास होगा और जिले की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी. निरीक्षण के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार, बारूण के प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.
