औरंगाबाद में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और विभिन्न महोत्सवों के बेहतर आयोजन के लिए जिला स्तर पर अधिकारियों की समिति गठित की गयी है. जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कार्यालय आदेश जारी कर अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं.
कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार की ओर से जिले के विभिन्न महोत्सवों को सांस्कृतिक कैलेंडर में शामिल किया गया है. महोत्सवों के अलावा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, बिहार दिवस, आपकी सरकार आपके द्वार, जिला स्थापना दिवस सहित अन्य कार्यक्रमों के आयोजन की जिम्मेदारी भी इसी समिति को दी गयी है.
प्रमुख कार्यक्रम
जिले में आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों में पितृपक्ष महोत्सव जम्होर, जिउतिया महोत्सव दाउदनगर, जिला स्तरीय युवा उत्सव, गजना महोत्सव नवीनगर, भास्कर महोत्सव देव, सूर्य महोत्सव धुंधुआ, मां सत्यचंडी धाम महोत्सव रायपुरा, मकर संक्रांति महोत्सव, सोननद महोत्सव बड़ेम, सूर्य राघव महोत्सव बड़ेम, पुनपुन महोत्सव टंडवा, अंबे महोत्सव अंबा, बसंत पंचमी महोत्सव औरंगाबाद और देवकुंड महोत्सव देवकुंड गोह शामिल हैं. इसके अलावा पर्यटन विभाग, बिहार सरकार के निर्देश पर देव महोत्सव, उमगा महोत्सव और विष्णुधाम महोत्सव का आयोजन भी किया जाना है.
अपर समाहर्ता के नेतृत्व में होगी महोत्सवों की तैयारी
महोत्सवों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी के लिए अपर समाहर्ता को वरीय पदाधिकारी बनाया गया है. उनके नेतृत्व में वरीय उप समाहर्ता श्वेता प्रियदर्शी, रितेश कुमार यादव और बेबी प्रिया को सहयोगी पदाधिकारी की जिम्मेदारी दी गयी है. जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी और प्रभारी पदाधिकारी, पर्यटन को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. जिस प्रखंड में कार्यक्रम आयोजित होगा, वहां के बीडीओ सहायक नोडल पदाधिकारी के रूप में काम करेंगे. कार्यालय आदेश में सभी वरीय, सहयोगी, नोडल और सहायक नोडल पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की गयी हैं.
कार्यक्रम से सात दिन पहले होगा कलाकारों का चयन
महोत्सव में कलाकारों के चयन की प्रक्रिया कार्यक्रम से सात दिन पहले पूरी करनी होगी. इसके लिए अलग से कलाकार चयन समिति गठित की गयी है. अपर समाहर्ता सह अपर जिला दंडाधिकारी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला नजारत उपसमाहर्ता, प्रभारी पदाधिकारी पर्यटन और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी को सदस्य बनाया गया है.
महोत्सवों में स्थानीय कलाकारों को भी मंच देने की व्यवस्था की गयी है. जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी और प्रभारी पदाधिकारी पर्यटन द्वारा जिला स्तरीय ऑडिशन की सूची से स्थानीय कलाकारों का चयन किया जाएगा. स्थानीय कलाकारों के लिए बिहार कलाकार पंजीयन पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य किया गया है. इसके साथ ही विद्यालय और महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति का अवसर मिलेगा. इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गयी है.
सुरक्षा से लेकर बिजली और स्वास्थ्य व्यवस्था तक की जिम्मेदारी तय
महोत्सवों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गयी है. आवश्यकता के अनुसार आयोजन स्थल पर दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति अनुमंडल पदाधिकारी करेंगे. कार्यक्रम स्थल पर अग्निशमन यंत्र, एंबुलेंस और चिकित्सक की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा निर्बाध बिजली आपूर्ति, साफ-सफाई और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी संबंधित विभागों को सुनिश्चित करनी होंगी.
जानकी वल्लभ शास्त्री और दोमुहान महोत्सव सूची में नहीं
जिला स्तर से जारी महोत्सव और कार्यक्रमों की सूची में कुटुंबा प्रखंड के दधपा गांव में आयोजित होने वाले जानकी वल्लभ शास्त्री साहित्यिक महोत्सव और भास्कर नगर के दोमुहान महोत्सव को शामिल नहीं किया गया है. दोनों स्थानों पर पहले सरकारी स्तर पर एक-एक बार महोत्सव का आयोजन हुआ था. इसके बाद इन्हें सूची से बाहर रखा गया है. इसे लेकर आसपास के लोगों में असंतोष है. स्थानीय लोगों ने दोनों महोत्सवों के आयोजन की मांग को लेकर जिला पदाधिकारी से मिलकर अनुरोध भी किया था.
नवीनगर में सबसे अधिक महोत्सव
जिला स्तर से जारी सूची के अनुसार नवीनगर प्रखंड में सबसे अधिक महोत्सव आयोजित किये जाएंगे. यहां गजना महोत्सव, सूर्य महोत्सव धुंधुआ, सोननद महोत्सव बड़ेम, सूर्य राघव महोत्सव बड़ेम और पुनपुन महोत्सव टंडवा शामिल हैं. इस तरह जिले के अन्य प्रखंडों की तुलना में नवीनगर में सबसे अधिक महोत्सवों का आयोजन होना है.
