Aurangabad News : देव सूर्य मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

आर्द्रा मेला़ पूजा-अर्चना के लिए सुबह चार बजे से पहुंचने लगे श्रद्धालु

देव. देव सूर्य मंदिर में आर्द्रा मेले में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है. इस नक्षत्र के दूसरे व अंतिम रविवार को मंदिर में सुबह चार बजे से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया. मंदिर में करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर का दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि मांगी. औरंगाबाद के अलावा रोहतास, अरवल, गया जी व झारखंड के चतरा, पलामू, हरिहरगंज समेत कई जिलों से श्रद्धालु पहुंचे. श्रद्धालुओं सबसे पहले सूर्यकुंड में स्नान करने के बाद सूर्य मंदिर पहुंचे और घंटों कतार में लगने के बाद भगवान भास्कर का दर्शन किया. मंदिर में जगह-जगह पर सुरक्षा बल तैनात किये गये थे. इधर, श्रद्धालुओं के आवागमन से पूरी देवनगरी में जाम लग गया. सूर्यकुंड तालाब से सूर्य मंदिर की दूरी करीब 150 मीटर है, लेकिन श्रद्धालुओं को तालाब से मंदिर तक पहुंचने में आधे घंटे का समय लग रहा था. फलों की जमकर हुई बिक्री: आर्द्रा में आम व जामुन खाने का खासा महत्व है. देव सूर्यनगरी में आम व जामुन खरीदना पुरानी परंपरा है. आमतौर पर अच्छा दशहरी आम बाजार में 60 रुपये, जबकि मालदा आम 80 रुपये किलो उपलब्ध है. इसी तरह का रेट जामुन का भी रहा. भगवान सूर्य को अर्घ अर्पित करने में मौसमी फल आम और जामुन का भोग लगाया जाता है. सूर्यकुंड तालाब परिसर, देव गोदाम, सूर्य मंदिर के आसपास, देव थाना मोड़, हॉस्पिटल मोड़ के पास फल की लंबी दुकानें लगी थीं. पेयजल की रही किल्लत: आर्द्रा मेले के दौरान पेयजल की किल्लत दिखाई दी. भीड़ अत्यधिक होने की वजह से सूर्यकुंड तालाब और देव किला के इर्द-गिर्द पेयजल सुविधा पर्याप्त उपलब्ध नहीं होने के कारण महंगे दामों पर लोगों ने दुकानों से पानी की खरीदारी की. सूर्यकुंड तालाब पर चापाकल और नल का जल उपलब्ध नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा. अतिक्रमण से पटा रहा सूर्यकुंड: आर्द्रा नक्षत्र मेले के दूसरे रविवार को आस्था की डुबकी लगाने अहले सुबह से ही महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को अतिक्रमण से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. फल दुकान, प्रसाद की दुकान, शृंगार दुकान और मिठाई के ठेलों से सूर्यकुंड तालाब व घाट पर अतिक्रमण है. काफी भीड़ होने के कारण तालाब के घाटों पर श्रद्धालुओं का चलना मुश्किल हो गया. वहीं, सबसे ज्यादा परेशानी महिला श्रद्धालुओं को हुई, जिन्हें स्नान के बाद कपड़ा बदलना था. घंटों जाम में फंसे रहे लोग मेले की वजह से रविवार को इतनी ज्यादा भीड़ हो गयी कि जाम लग गया. देव थाना मोड़ से लेकर सूर्य मंदिर तक वाहनों की कतारें पूरे दिन लगी रहीं. इसमें सबसे ज्यादा संख्या ऑटो और चारपहिया वाहन की थी. ग्रामीण इलाकों से हजारों की संख्या में लोग ऑटो पर सवार होकर पूजा-अर्चना करने आये थे. देव थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस टीम यहां चौकस थी. मंदिर के बाहर पुलिसकर्मियों को लगाया गया था, ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ जमा नहीं हो. पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त सुरक्षाबलों को मंगाया गया था. औरंगाबाद अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर देव के बैंक मोड़ से बड़ी गाड़ियों को पार्किंग करा कर देव रानी तालाब की ओर भेजा गया. छोटी गाड़ियों को हॉस्पिटल मोड़ पर रोका गया. मदनपुर क्षेत्र और बाइपास से आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी गाड़ियों को बालापोखर मोड़ पर रोका गया, जबकि गोदाम मोड़ पर भी बड़ी गाड़ियों को रोका गया. सूर्य कुंड तालाब परिसर, देव सूर्य मंदिर के गर्भगृह और बाहर में भी पुलिस बलों की तैनाती की गयी थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Panchdev kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >