Aurangabad News : सावन मास के पहले सोमवार पर मदनपुर प्रखंड के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल उमगा पर्वत में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा. सुबह से ही श्रद्धालु स्नान कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे. हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा पर्वत और आसपास के शिवालय भक्तिमय माहौल में डूब गए.
52 देवी-देवताओं की शक्तिपीठ में उमड़ी भीड़
उमगा पर्वत स्थित 52 देवी-देवताओं की शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि व मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की. बड़ी संख्या में महिलाएं हरे रंग के पारंपरिक वस्त्र पहनकर मंदिर पहुंचीं और भगवान शिव का आशीर्वाद लिया.
गौरीशंकर गुफा से लेकर काल भैरव मंदिर तक रही लंबी कतार
पर्वत की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित गौरीशंकर गुफा में भक्तों ने जलाभिषेक कर परिवार की सुख-शांति और मनोकामना पूर्ण होने की कामना की. इसके अलावा काल भैरव मंदिर, माता उमंगेश्वरी दरबार, भगवान गणेश मंदिर और सूर्य मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही.
वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न हुई पूजा
मंदिरों में पुजारी विष्णु पाठक, दिलीप पाठक और महेशानंद पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं से पूजा-अर्चना कराई. मुख्य पुजारी बालमुकुंद पाठक ने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है. इस महीने बेलपत्र, धतूरा, फूल और प्रसाद अर्पित करने तथा दूध व जल से अभिषेक करने पर भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और जीवन के कष्ट दूर करते हैं.
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे. मंदिर परिसर के नीचे से लेकर पर्वत की ऊपरी चोटी तक पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे दर्शन और पूजा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई. इसके अलावा ऐतिहासिक सीताथापा धाम और आसपास के गांवों के शिवालयों में भी सावन की पहली सोमवारी पर विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया गया.
