Aurangabad crime: औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में जिला जज तृतीय अशोक कुमार गुप्ता ने दाउदनगर थाना कांड संख्या-132/20, एसटीआर-32/22 एवं 243/24 में सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए एकमात्र काराधीन अभियुक्त अजय पांडेय, अरई दाउदनगर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अभियुक्त को भादंवि की धारा 302 के तहत उम्रकैद के साथ 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
आर्म्स एक्ट में तीन साल की सजा
एपीपी परशुराम सिंह ने बताया कि अभियुक्त को आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत तीन वर्ष के कारावास की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी. कारा में बिताई गयी अवधि को सजा में समाहित कर दिया जाएगा.
2020 में हुई थी कुंज बिहारी पांडेय की हत्या
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने सजा सुनायी. अभियुक्त को संबंधित धाराओं में 24 अगस्त 2026 को दोषी ठहराया गया था.
अरई निवासी वाद सूचिका गुड्डी देवी ने 13 मई 2020 को दाउदनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. प्राथमिकी के अनुसार, उनके भैसुर उन्हें डांट-फटकार रहे थे. उनके पति कुंज बिहारी पांडेय ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों के बीच मारपीट होने लगी.
गर्दन में गोली लगने से हुई थी मौत
प्राथमिकी के अनुसार, विवाद के दौरान अभियुक्त ने पूजा घर से देशी पिस्तौल निकालकर फायर कर दिया. गोली कुंज बिहारी पांडेय की गर्दन में लगी, जिससे वह आंगन में गिरकर छटपटाने लगे. घटना के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद ले गये, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद अभियुक्त पिस्तौल लेकर फरार हो गया था.
प्राथमिकी में पूर्व से घरेलू विवाद होने की बात भी कही गयी थी.
जून 2020 से जेल में बंद था अभियुक्त
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि अभियुक्त अजय पांडेय ने 19 जून 2020 को अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी, दाउदनगर के न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था. इसके बाद से वह जेल में बंद है.
