औरंगाबाद : दाउदनगर में रसोइयों का धरना, बकाया मानदेय और हर महीने 7 तारीख तक भुगतान की मांग

औरंगाबाद जिले के दाउदनगर प्रखंड संसाधन केंद्र में राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट के बैनर तले रसोइयों ने एक दिवसीय धरना दिया और 13 सूत्री मांगों का ज्ञापन बीईओ को सौंपा. रसोइयों ने न्यूनतम मजदूरी, 12 महीने के मानदेय और बकाया भुगतान की मांग की है.

राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट के आह्वान पर शनिवार को दाउदनगर प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC) परिसर में रसोइयों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर एक दिवसीय धरना दिया. इस प्रदर्शन के उपरांत रसोइयों ने अपनी 13 सूत्री मांगों से संबंधित एक विस्तृत मांग-पत्र प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को सौंपा.

संगठन ने कड़े शब्दों में मांग की है कि प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत सरकारी विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे रसोइयों की समस्याओं का अविलंब समाधान किया जाए.

संगठन के प्रतिनिधियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि रसोइये बेहद कम मानदेय पर दिन-रात विद्यालयों में अपनी निष्ठावान सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है. रसोइयों की समस्याओं को लेकर पूर्व में भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को मांग-पत्र सौंपा गया है, लेकिन अब तक कोई अपेक्षित सकारात्मक पहल न होने के कारण रसोइयों में गहरा असंतोष व्याप्त है.

Also Read : WATCH VIDEO : औरंगाबाद के 3 CHC ने मारी बाजी, बारुण 88% अंक के साथ बिहार में टॉप; ओबरा-देव भी NQAS के लिए चयनित

प्रमुख 13 सूत्री मांगें

धरना-प्रदर्शन के दौरान रसोइयों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल रहे:

  • बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए.
  • उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप रसोइयों को न्यूनतम मजदूरी दी जाए.
  • वर्ष के सभी 12 महीनों का मानदेय दिया जाए और प्रत्येक माह की 7 तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए.
  • प्रधानमंत्री पोषण योजना को किसी भी प्रकार की ठेकेदारी और स्वयंसेवी संस्थाओं से मुक्त रखा जाए, तथा विद्यालयों में ही गर्म व ताजा भोजन तैयार कर बच्चों को परोसने की पुरानी व्यवस्था को और बेहतर किया जाए.
  • सभी रसोइयों को भविष्य निधि (PF), ई-श्रम कार्ड और आयुष्मान भारत कार्ड का लाभ दिया जाए.
  • कार्य के दौरान दुर्घटना या चोट लगने की स्थिति में इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाए.
  • महिला रसोइयों को मातृत्व अवकाश और अन्य विशेष अवकाश दिए जाएं.
  • वर्ष में दो साड़ी तथा पुरुष रसोइयों को पैंट-शर्ट (पोशाक) उपलब्ध कराई जाए.
  • रसोइयों की नियुक्ति सीधे जिलाधिकारी या जिला शिक्षा पदाधिकारी के अधीन की जाए, तथा बीमारी या जरूरी व्यक्तिगत कार्यों के लिए अवकाश स्वीकृत करने का प्रावधान हो.

Also Read : औरंगाबाद पहुंचीं मंत्री श्रेयसी सिंह, सतबहिनी मंदिर में पूजा के बाद संडा में कार्यक्रम स्थल का लिया जायजा

इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान सुभद्रा देवी, अर्चना देवी, गीता देवी, ललिता देवी, रीता कुमारी, मनीष कुमार, कृष्णा प्रसाद और उषा कुंवर सहित बड़ी संख्या में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के रसोइये उपस्थित रहे.

Also Read : औरंगाबद : दाउदनगर बाजार में खरीदारी कर रही महिला के प्लास्टिक को ब्लेड से काटा, एक लाख के जेवरात ले उड़े बदमाश

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By ओमप्रकाश

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >