Aurangabad News : औरंगाबाद जिले के रायपुरा गांव में रविवार को कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी स्व. यमुना बाबू की प्रथम पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. इस अवसर पर उनके पुत्र, पूर्व विधायक एवं वर्तमान कांग्रेस जिलाध्यक्ष आनंद शंकर सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समाजवादियों तथा विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
वक्ताओं ने याद किए स्व. यमुना बाबू के व्यक्तित्व और योगदान
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्व. यमुना बाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया. उन्होंने कहा कि वे जनहित और समाज सेवा के लिए हमेशा समर्पित रहे. अपने स्वाभिमानी स्वभाव और स्पष्टवादी व्यक्तित्व के कारण वे आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे. जनहित के मुद्दों पर वे बड़े से बड़े अधिकारियों के सामने भी बेबाकी से अपनी बात रखते थे. यही वजह थी कि जनता के साथ-साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच भी उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त था.
निधन और राजनीतिक जीवन का किया गया उल्लेख
वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 2025 में इसी दिन पटना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था. उन्होंने औरंगाबाद सदर विधानसभा क्षेत्र से एक बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव भी लड़ा था, जिसमें उन्हें लगभग 20 हजार मत प्राप्त हुए थे. इसे उनकी जनस्वीकृति और लोकप्रियता का प्रमाण बताया गया.
पिता के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान स्व. यमुना बाबू को याद करते हुए कई लोगों की आंखें नम हो गईं. उनके पुत्र एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष आनंद शंकर सिंह ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संकल्प लिया कि वे अपने पिता के आदर्शों और दिखाए गए मार्ग पर चलकर समाज के सुख-दुख में हमेशा सहभागी रहेंगे तथा जनसेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानेंगे.
बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और समाजसेवी रहे मौजूद
श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश सिंह, विभिन्न प्रखंडों के कांग्रेस अध्यक्ष, प्रदेश कृषि संगठन के समन्वयक धीरेंद्र सिंह, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र पासवान, अजय सिंह, अजय कुमार सिंह, नूटुर सिंह, जम्होर के मुखिया नागेंद्र कुमार सिंह, मो. जिन्ना कुरैशी, रविंद्र कुमार सिंह, संजीव सिंह सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता, समाजसेवी और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग उपस्थित रहे.
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