Aurangabad News : औरंगाबाद में देर में भतीजे के छठीहार की खुशियां मनायी जा रही थीं. रिश्तेदारों और मेहमानों के आने-जाने से पूरे परिवार में उत्साह का माहौल था. इसी बीच शुक्रवार की अहले सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं. छत से गिरने के कारण 40 वर्षीय सूरज कुमार की मौत हो गयी. घटना देव प्रखंड के पवई गांव की है. हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया और खुशी का माहौल मातम में बदल गया.
मृतक की पहचान पवई गांव निवासी स्व. दामोदर प्रसाद के बड़े पुत्र सूरज कुमार के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार, सूरज के छोटे भाई सुजीत के पुत्र का छठीहार कार्यक्रम था. कार्यक्रम में शामिल होने आये मेहमानों को विदा करने के बाद सूरज सोने के लिए छत पर चला गया.
पेशाब करने के दौरान बिगड़ा संतुलन
परिजनों ने बताया कि रात करीब ढाई बजे सूरज पेशाब करने के लिए छत के किनारे गया था. इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे जा गिरा. हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया.
परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद लेकर पहुंचे. उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमुहार रेफर कर दिया. परिजन उसे लेकर जमुहार के लिए निकले, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गयी.
इसके बाद परिजन शव को लेकर दोबारा सदर अस्पताल पहुंचे. हालांकि, बिना पोस्टमार्टम कराये ही शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गये.
पिता की मौत के बाद संभाल रहा था परिवार
बताया जाता है कि पिता की मौत के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी सूरज के कंधों पर थी. वह परिवार का सहारा बना हुआ था. करीब तीन महीने पहले नगर थाना क्षेत्र के महुआ शहीद मोहल्ले में सूरज पर चाकू से जानलेवा हमला भी हुआ था. इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. इलाज के बाद स्वस्थ होकर वह दोबारा अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां निभा रहा था.
इधर, भतीजे के छठीहार को लेकर घर में उत्सव का माहौल था, लेकिन सूरज की अचानक मौत से परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गयीं. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
