Bihar: औरंगाबाद से चल रहा था म्यूल अकाउंट का खेल, महादेव ऐप से जुड़े गैंग का पर्दाफाश, रोज 8 लाख का होता था अवैध कारोबार

Bihar: पलामू पुलिस द्वारा ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद औरंगाबाद का बड़ा कनेक्शन सामने आया है. गिरफ्तार सात साइबर अपराधियों में तीन आरोपी औरंगाबाद के हैं, जबकि मास्टरमाइंड भी इसी जिले से जुड़ा बताया जा रहा है. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है.

Bihar: ऑनलाइन गेमिंग के अवैध धंधे पर पलामू पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. सात साइबर अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिसमें चार अपराधी औरंगाबाद से जुड़े है. इनमें तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है. बड़ी बात यह है कि मास्टरमाइंड अपराधियों में एक अपराधी औरंगाबाद का भी है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है. पकड़े गये शातिरों के पास से आइफोन सहित आधे दर्जन से अधिक मोबाइल, विभिन्न बैंकों की नौ एटीएम कार्ड, नौ पासबुक, नौ चेकबुक, टैब, ऑनलाइन लेन-देन विवरण से संबंधित तीन डायरियां और फाइबर राउटर सेट बरामद किया गया है.

पकड़े गये शातिरों में औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड के रामबरण विश्वकर्मा के पुत्र सुजित कुमार विश्वकर्मा, हरिनंदन सिंह के पुत्र अजित कुमार उर्फ अजित कुमार विश्वकर्मा, उपेंद्र सिंह के पुत्र रोहित कुमार सिंह उर्फ राजा के अलावा छतीसगढ़ के भिलाई निवासी प्रदीप सिंह लोधी के पुत्र राहुल सिंह लोधी, झारखंड के बोकारो निवासी हदीश अंसारी के पुत्र जुबेर अंसारी, रामगढ़ के अब्दुल लतीफ अंसारी के पुत्र अयाज आलम और रांची के बहादुर कसेरा के पुत्र अक्षय कुमार कुंडू शामिल है.

हुसैनाबाद के तीन मंजिला मकान में ठहरे थे शातिर

पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि 30 नंवबर को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी हुसैनाबाद को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि हुसैनाबाद अनुमंडल स्थित अनिल कुमार विश्वकर्मा के तीन मंजिला मकान में कुछ दिनों से कई संदिग्ध युवक ठहरे हुए हैं, जो ऑनलाइन गेमिंग व सट्टा के माध्यम से ठगी का कार्य कर रहे हैं और उनके पास अन्य संदिग्ध युवकों का भी लगातार आवागमन हो रहा है.

सूचना के सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी हुसैनाबाद के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया. गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त मकान के तीसरे तल्ले पर छापेमारी की, जहां दो अलग-अलग कमरों में कुल सात युवक लैपटॉप, टैबलेट व विभिन्न मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग गतिविधियों में
संलिप्त पाये गये, जिन्हें मौके से गिरफ्तार किया गया.

हर दिन सात से आठ लाख रुपये का हो रहा था ऑनलाइन अवैध कारोबार

पूछताछ के क्रम में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे महादेव बेटिंग ऐप से संबद्ध खेलो यार डॉट साइट नामक ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म की फ्रेंचाइजी ( फ्रेंचाइजी आइडी – 141) संचालित कर रहे थे. इनके द्वारा ग्राहकों से ऑनलाइन रुपये जमा करवाकर टोकन मनी प्रदान की जाती थी व जीत-हार के अनुसार लेन-देन किया जाता था.

प्रतिदिन लगभग सात से आठ लाख रुपये तक का अवैध ऑनलाइन कारोबार किया जा रहा था, जिसमें 70 प्रतिशत राशि प्रमोटर्स को व 30 प्रतिशत फ्रेंचाइजी को प्राप्त होती थी. इस अवैध गतिविधि में म्यूल अकाउंट्स (फर्जी बैंक खातों) का प्रयोग किया जा रहा था. ग्रामीण क्षेत्र के भोले-भाले लोगों को पैसे का लालच देकर उनके दस्तावेजों के माध्यम से बैंक खाते खुलवाये जाते थे और उनके एटीएम कार्ड, पासबुक व चेकबुक अपने कब्जे में रख लिये जाते थे.

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ये कर रहे थे नेटवर्क का संचालन

पलामू एसपी ने बताया कि औरंगाबाद जिले के आजन गांव निवासी राजन कुमार सिंह , छतीसगढ़ राज्य के भिलाई निवासी शेल्वी उर्फ मनीष व एक अन्य व्यक्ति प्रवीण पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा है. पूछताछ के दौरान इनके नेटवर्क का खुलासा हुआ है. छापेमारी टीम में हुसैनाबाद एसडीपीओ मो याकूब, हैदरनगर थानाध्यक्ष अफजल अंसारी, देवरी ओपी प्रभारी बबलू कुमार, हुसैनाबाद थाना के पुलिस अवर निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह, रमन यादव, सौरभ चौबे, नर्वदेश्वर सिंह आदि शामिल थे.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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