Aurangabad News : बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, और अब औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सरकारी स्कूलों की हकीकत को उजागर करती है. बेला गांव स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिक्षकों की भारी कमी के कारण सैकड़ों छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. हालात ऐसे हैं कि नामांकन तो है, लेकिन पढ़ाई सही तरीके से नहीं हो पा रही है, जिससे अभिभावकों में चिंता बढ़ती जा रही है.
277 छात्रों पर सिर्फ 11 शिक्षक
विद्यालय में कक्षा 9वीं से 12वीं तक कुल 277 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन यहां प्रधानाध्यापक सहित केवल 11 शिक्षक ही कार्यरत हैं. इतने कम शिक्षकों के सहारे सभी विषयों की नियमित पढ़ाई कराना संभव नहीं हो पा रहा है. इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है और वे कई विषयों में पीछे होते जा रहे हैं.
कई जरूरी विषयों के शिक्षक गायब
स्कूल में कई अहम विषयों के शिक्षक ही नहीं हैं. माध्यमिक स्तर पर संस्कृत, संगीत और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक नहीं हैं. वहीं इंटर स्तर पर विज्ञान संकाय में भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान और वनस्पति विज्ञान के शिक्षक का अभाव है. कला संकाय भी इससे अछूता नहीं है, जहां अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान और गृह विज्ञान जैसे विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं. इससे छात्रों को पढ़ाई में काफी कठिनाई हो रही है.
जर्जर भवन बना परेशानी की वजह
विद्यालय भवन की स्थिति भी काफी खराब हो चुकी है. कई कमरों की छत जर्जर हो गई है और बारिश के समय पानी टपकने लगता है. ऐसे में बच्चों के लिए कक्षा में बैठकर पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है. कई बार तो बारिश के कारण पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो जाती है.
बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव
इस स्कूल में न तो पुस्तकालय है और न ही स्मार्ट क्लास की सुविधा. प्रयोगशाला की भी व्यवस्था नहीं है, जिससे छात्रों को प्रैक्टिकल शिक्षा नहीं मिल पा रही है. इसके अलावा स्कूल में बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
शिक्षा विभाग से लगाई गुहार
विद्यालय के प्रधानाध्यापक रितेश कुमार ने बताया कि शिक्षकों की कमी और अन्य समस्याओं को लेकर शिक्षा विभाग को कई बार अवगत कराया गया है. उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, जर्जर भवन की मरम्मत कराई जाए और स्कूल की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके.
अभिभावकों में बढ़ती चिंता
स्कूल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अभिभावकों में भी चिंता बढ़ती जा रही है. उनका कहना है कि अगर जल्द ही सुधार नहीं हुआ तो बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है. ग्रामीणों ने भी प्रशासन से इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि बच्चों को सही माहौल में शिक्षा मिल सके..
