राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 को लेकर विज्ञान शिक्षकों का प्रशिक्षण, अक्टूबर में होगी जिला स्तरीय प्रतियोगिता

Aurangabad News : 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के लिए जिला स्तरीय दिशा-निर्देशन सह शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई. शिक्षकों को परियोजना निर्माण और मूल्यांकन की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही जिला स्तरीय प्रतियोगिता की तैयारियों पर चर्चा हुई.

Aurangabad News : 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के तहत शनिवार को अनुग्रह इंटर विद्यालय में जिला स्तरीय दिशा-निर्देशन सह शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यशाला में जिले के सभी उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की थीम, उपविषयों, परियोजना निर्माण की प्रक्रिया तथा मूल्यांकन मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई. साथ ही अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में आयोजित होने वाली जिला स्तरीय प्रतियोगिता की तैयारियों पर भी चर्चा की गई.

दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर सिंह, समग्र शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) संतोष कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियंका कुमारी तथा सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी सर्वेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का मंच : डीईओ

जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है. उन्होंने शिक्षकों से स्थानीय समस्याओं पर आधारित शोधपरक परियोजनाएं तैयार करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करने की अपील की. उन्होंने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षण कार्य के दौरान प्रभावी अधिगम पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है. अन्य वक्ताओं ने भी विज्ञान एवं तकनीक के सकारात्मक उपयोग तथा वैज्ञानिक सोच को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर दिया.

परियोजना निर्माण और मूल्यांकन की दी गई जानकारी

मुख्य प्रशिक्षक के रूप में पीएम श्री प्लस-टू उच्च विद्यालय, लौवाबार सिकरिया के शिक्षक मुकुल कुमार पांडेय ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 की मुख्य थीम 'निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार' और उसके विभिन्न उपविषयों की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने शिक्षकों को परियोजना चयन, समस्या की पहचान, वैज्ञानिक अध्ययन, डेटा संकलन, रिपोर्ट लेखन और प्रस्तुतीकरण की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया. साथ ही बताया कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें चयनित छात्र-छात्राएं अपनी परियोजनाएं प्रस्तुत करेंगे.

सभी प्रखंडों के विज्ञान शिक्षक रहे उपस्थित

कार्यक्रम का संचालन साइंस फॉर सोसाइटी के राकेश कुमार गौतम ने किया. इस अवसर पर सिन्हा कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. शिवपूजन सिंह, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक रामभजन सिंह तथा डॉ. संजय कुमार सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए. कार्यशाला में अंजू कुमारी, आशा सिंह, राजेश कुमार सहित जिले के सभी प्रखंडों के उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विज्ञान शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे.

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Author: Ambuj kumar

Published by: Yuvraj Ratan

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