Aurangabad News: औरंगाबाद जिला विधिज्ञ संघ परिसर में महिला अधिवक्ताओं के लिए नवनिर्मित कॉमन रूम का उद्घाटन व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने फीता काटकर किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला अधिवक्ताओं ने बुके देकर प्रधान जिला जज का स्वागत किया.
महिला अधिवक्ताओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बनी सुविधा
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने कहा कि व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में महिला अधिवक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में उनके लिए अलग कॉमन रूम की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय और महासचिव जगनारायण सिंह ने 50 से अधिक महिला अधिवक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कॉमन रूम उपलब्ध कराया है, जो सराहनीय पहल है.
बैठक और पेशेवर गतिविधियों में होगा उपयोग
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि महिला अधिवक्ताओं को आपस में बैठक करने के लिए सुरक्षित और निजी स्थान की आवश्यकता थी. कॉमन रूम का उपयोग मातृत्व एवं शिशु देखभाल, ग्रुप स्टडी, पेशेवर गतिविधियों और गोपनीय कार्यों के लिए भी किया जा सकेगा.
सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और अलग बाथरूम की सुविधा
नवनिर्मित कॉमन रूम में महिला अधिवक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, अलग बाथरूम और शांत एवं स्वच्छ वातावरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं. महिला अधिवक्ताओं ने कॉमन रूम के निर्माण पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे न्यायालय परिसर में उन्हें अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान मिल सकेगा.
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अरुण कुमार, जिला जज विश्व विभूति गुप्ता, अनंदिता सिंह, अशोक कुमार गुप्ता, दिव्या वशिष्ठ, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लाल बिहारी पासवान, जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय, महासचिव जगनारायण सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे.
