Aurangabad News: मानवता और सामाजिक सरोकार का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए औरंगाबाद के समाजसेवी सुमन शेखर असम के बाढ़ प्रभावित शिवसागर जिले में राहत सामग्री लेकर पहुंचे. सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच आवश्यक सामग्री का वितरण किया तथा पीड़ितों का हालचाल जाना.
बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
सुमन शेखर ने बताया कि शिवसागर जिले में आई भीषण बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. अनेक गांव जलमग्न हैं. लोगों के घर, फसल, घरेलू सामान तथा आजीविका के साधन बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. बड़ी संख्या में परिवार बेघर होकर राहत शिविरों अथवा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को विवश हैं. ऐसे कठिन समय में लोगों को भोजन, स्वच्छ पेयजल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आवश्यकता है.
विपत्ति में एकजुट होकर मदद की अपील
सुमन शेखर ने कहा कि विपत्ति किसी के जीवन में कभी भी आ सकती है. ऐसे समय में यदि समाज एकजुट होकर पीड़ितों की सहायता करे, तो उनके दुख को काफी हद तक कम किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि दूसरों के दुःख को अपना दुःख समझना ही सच्ची मानवता है. जितना संभव हो, हमें जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए. साथ ही अपने बच्चों में भी सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता के संस्कार विकसित करने चाहिए. उन्होंने बताया कि इसी भावना के साथ वे राहत सामग्री लेकर शिवसागर पहुंचे और बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच उसका वितरण किया.
असम विधानसभा के डिजिटलीकरण में भी दिया योगदान
स्थानीय लोगों ने उनके इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि दूर बिहार के औरंगाबाद से आकर सहायता करना इस बात का प्रमाण है कि आज भी इंसानियत और सामाजिक संवेदनाएं जीवित हैं. उल्लेखनीय है कि सुमन शेखर लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं. सामाजिक सरोकारों के साथ-साथ उन्होंने असम विधानसभा के डिजिटलीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उनके प्रयासों से असम विधानसभा को आधुनिक डिजिटल स्वरूप प्रदान करने की पहल को नई गति मिली थी.
बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत पहुंचाने की पहल की सराहना
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सुमन शेखर की इस पहल की व्यापक सराहना हो रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि संकट की घड़ी में दूर-दराज से पहुंचकर सहायता करना समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है.
