Aurangabad News: (सुजीत कुमार सिंह) औरंगाबाद शहर के गांधी मैदान स्थित बिहार राज्य पथ परिवहन निगम कार्यालय की स्थिति दिनोंदिन बदहाल होती जा रही है. कभी जिले के प्रमुख सरकारी कार्यालयों में शुमार यह परिसर आज कूड़े-कचरे, जलजमाव और गंदगी के बीच घुटने को मजबूर है. कार्यालय के चारों ओर फैली अव्यवस्था न सिर्फ विभाग की छवि धूमिल कर रही है, बल्कि यहां आने वाले कर्मचारियों और आम लोगों के लिए भी बड़ी परेशानी का कारण बन गई है.
कार्यालय परिसर के बाहर नियमित रूप से मुर्गा और मछली बेचने वालों का जमावड़ा लगा रहता है. हालत यह है कि मांस और मछली के अवशेष खुलेआम कार्यालय के सामने फेंक दिए जाते हैं, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैली रहती है. बारिश होने पर स्थिति और भयावह हो जाती है. सड़क और परिसर के आसपास जलजमाव के कारण गंदगी सड़ने लगती है और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है.
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है. परिवहन विभाग के डेप्युटी सुपरीटेंडेंट भी इस स्थिति को लेकर खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं. बताया जाता है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और नगर परिषद को स्थिति से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई.
प्रशासनिक उदासीनता पर उठ रहे सवाल
सरकारी कार्यालय के सामने फैली गंदगी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है. लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन और नगर परिषद की नजर इस गंभीर समस्या पर नहीं पड़ रही है. यदि समय रहते सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यहां स्वास्थ्य संबंधी बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है.
शहरवासियों ने की कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि परिवहन निगम कार्यालय परिसर की तत्काल सफाई कराई जाए. साथ ही जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा मछली और मांस बेचने वालों को वहां से हटाया जाए, ताकि सरकारी कार्यालय की गरिमा बनी रह सके और लोगों को गंदगी व दुर्गंध से राहत मिल सके.
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