औरंगाबाद में 1 जुलाई से शुरू होगी दो नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई, तैयारियां तेज

Aurangabad News:औरंगाबाद में मुख्य सचिव ने की समीक्षा, समय सीमा के भीतर संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश,पढ़िए पूरी खबर.

Aurangabad News: (सुजीत कुमार सिंह) बिहार सरकार द्वारा राज्य के 211 नव स्वीकृत डिग्री कॉलेजों में 1 जुलाई 2026 से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है. इसी क्रम में मंगलवार को मुख्य सचिव बिहार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिला पदाधिकारियों एवं प्रमंडलीय आयुक्तों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

बैठक में औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड स्थित पीरवां उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय तथा ओबरा प्रखंड स्थित करसावा उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में डिग्री कॉलेज संचालन की तैयारियों की समीक्षा की गई. दोनों संस्थानों में आगामी शैक्षणिक सत्र के संचालन के लिए आवश्यक संसाधन एवं आधारभूत सुविधाएं समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.

5 जून तक जरूरतों का आकलन, 8 जून से शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि 5 जून तक जिला प्रशासन संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यकताओं का अंतिम आकलन कर ले. इसके बाद अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में क्रय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापक भी सदस्य होंगे.

उन्होंने कहा कि 8 जून से पहले आवश्यक सामग्रियों की खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी जाए तथा 15 जून तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर 18 जून तक सभी जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए.

मूलभूत सुविधाओं पर रहेगा विशेष जोर

बैठक में कॉलेज परिसरों में बिजली, पेयजल, पर्याप्त कक्षाएं, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, कॉमन रूम, फर्नीचर, कार्यालय कक्ष तथा स्वच्छता व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए स्थानीय थाना से समन्वय स्थापित कर चौकीदार एवं अन्य सुरक्षा संसाधनों की व्यवस्था करने को कहा गया.

स्थायी भवन निर्माण के लिए पांच एकड़ भूमि होगी चिन्हित

मुख्य सचिव ने डिग्री कॉलेजों के स्थायी भवन निर्माण के लिए जून माह के भीतर प्रत्येक कॉलेज हेतु न्यूनतम पांच एकड़ भूमि चिन्हित करने का निर्देश दिया. साथ ही 31 जुलाई 2026 तक संबंधित प्रस्ताव प्रमंडलीय आयुक्त के माध्यम से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेजने को कहा गया.

डीएम ने मिशन मोड में कार्य पूरा करने का दिया निर्देश

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां मिशन मोड में पूरी की जाएं, ताकि 1 जुलाई से दोनों प्रस्तावित डिग्री कॉलेजों में सफलतापूर्वक शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया जा सके.

उन्होंने बताया कि उद्घाटन समारोह को भी भव्य रूप दिया जाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों तथा शिक्षा जगत से जुड़े गणमान्य लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. इससे जिले में उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे और स्थानीय छात्रों को अपने क्षेत्र में ही स्नातक स्तर की पढ़ाई का लाभ मिल सकेगा.

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Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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