Aurangabad News: लक्ष्य का महज 13.57 फीसदी ही राजस्व वसूली

Aurangabad News: डीएम ने जिला स्तरीय आंतरिक संसाधन एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न जस्व वसूली में तीव्रता लाने का निर्देश

औरंगाबाद शहर. कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्तरीय आंतरिक संसाधन एवं राजस्व संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे राजस्व संग्रह एवं आंतरिक संसाधनों की प्रगति की समीक्षा पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से की गयी. खान एवं भू-तत्व विभाग, जिला निबंधन कार्यालय, परिवहन कार्यालय, वाणिज्य कर अंचल, राष्ट्रीय बचत, औरंगाबाद एवं दाउदनगर नगर परिषद, रफीगंज एवं नबीनगर नगर पंचायत, वन प्रमंडल, माप एवं तौल विभाग, सिंचाई प्रमंडल, नहर प्रमंडल,एवं जिला नीलाम पत्र कार्यालय आदि विभागों की प्रगति का जायजा लिया गया. समीक्षा के दौरान पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्यों के आलोक में अब तक समग्र रूप से मात्र 13.57 प्रतिशत ही राजस्व वसूली हो सकी है, जिसे जिलाधिकारी ने अत्यंत असंतोषजनक बताया. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राजस्व वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाएं तथा मासिक लक्ष्य के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करें, जिससे निर्धारित वार्षिक लक्ष्य की प्राप्ति समय पर हो सके. बैठक में दाखिल-खारिज, आधार सीडिंग, अभियान बसेरा फेस-2, सीएम डैशबोर्ड, ई-मापी, परिमार्जन प्लस, भू-लगान, अतिक्रमण एवं अंबेडकर समग्र सेवा समाधान योजना जैसे राजस्व से संबंधित विषयों की भी गहन समीक्षा की गई. अपर समाहर्ता ललित भूषण रंजन, बंदोबस्त पदाधिकारी शैलेश कुमार दास, प्रभारी राजस्व शाखा सच्चिदानंद सुमन, सदर भूमि सुधार उप समाहर्ता श्वेतांक लाल सहित जिले के सभी अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए.

सदर में मोटेशन के सर्वाधिक 95 मामले लंबित

बैठक में दाखिल-खारिज से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गयी. यह सामने आया कि जिले में 125 मामले 75 दिनों से अधिक समय से लंबित है. इसमें औरंगाबाद सदर अंचल में सर्वाधिक 95 मामले लंबित पाये गये. जिलाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी को फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के भीतर सभी मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया. वहीं, हसपुरा एवं दाउदनगर अंचलों में इस अवधि से संबंधित कोई लंबित मामला नहीं पाया गया, जो संतोषजनक है.

657 आवेदक पाये गये अयोग्य

अभियान बसेरा फेस-2 की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिले में अब तक 2221 लाभुकों का सर्वेक्षण किया गया, जिनमें से 1481 को भूमि पर्चा वितरित किया गया है. जबकि 657 आवेदक पर्चा के लिए अयोग्य पाये गये हैं. इसी प्रकार अंबेडकर समग्र सेवा समाधान योजना के अंतर्गत कुल 252 लाभुकों का सर्वे किया गया, जिनमें से 202 को भूमि पर्चा प्रदान किया गया है. जबकि 10 आवेदकों को अयोग्य पाया गया है. आधार सीडिंग के मामले में यह जानकारी दी गई कि अब तक जिले के 82 प्रतिशत रैयतों की जमाबंदी रिकॉर्ड से आधार सीडिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. शेष कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये.

डिजिटल नक्शा के सत्यापन में लाएं तेजी

राजस्व प्रशासन को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में भूमि ई-मापी एवं परिमार्जन प्लस योजना की प्रगति पर भी विशेष ध्यान दिया गया. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ई-मापी प्रणाली के माध्यम से खेत स्तर पर डिजिटल नक्शों का सत्यापन एवं अद्यतन कार्य तीव्र गति से किया जाए ताकि राजस्व विवादों में कमी लाई जा सके तथा जमाबंदी आधारित सत्यापन की प्रक्रिया सशक्त हो. वहीं, परिमार्जन प्लस योजना के अंतर्गत जमाबंदी त्रुटियों के सुधार, अद्यतन एवं सुधारित रिकॉर्ड की समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन तकनीकी प्रयासों के सफल क्रियान्वयन से भूमि संबंधित योजनाओं की पारदर्शिता, सटीकता एवं प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार होगा. जिलाधिकारी ने भूमि विवादों के निपटान को लेकर सभी अंचल अधिकारियों को प्रत्येक शनिवार को भूमि विवाद से संबंधित बैठक गंभीरता से आयोजित करने का निर्देश दिया गया ताकि भूमि से संबंधित विवादों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित हो सके.

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