दाउदनगर. दाउदनगर कॉलेज दाउदनगर के वनस्पति विज्ञान विभाग के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ सुमित कुमार मिश्रा ने मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय, शहडोल में आयोजित एक अकादमिक कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित व्याख्याता के रूप में सहभागिता करते हुए आधुनिक कृषि जैव-प्रौद्योगिकी पर व्याख्यान प्रस्तुत किया. डॉ मिश्रा ने टेस्ट ट्यूब से खेत तक: आधुनिक फसल सुधार में ऊतक संवर्धन एवं आनुवंशिक अभियांत्रिकी की भूमिका पर व्याख्यान दिया. उन्होंने बढ़ती वैश्विक खाद्य मांग, जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न कृषि संकट तथा पारंपरिक प्रजनन विधियों की सीमाओं को रेखांकित करते हुए बताया कि वर्त्तमान युग में पादप जैव-प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला और खेत के बीच की दूरी को पाटने का कार्य कर रही है. उन्होंने कोशिकीय सर्वशक्तिमानता की अवधारणा को सरल शब्दों में समझाते हुए बताया कि पौधे की एक छोटी-सी कोशिका से भी पूर्ण पौधे का विकास संभव है. इसी सिद्धांत पर आधारित ऊतक संवर्धन तकनीक के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में समान गुणवत्ता वाले पौधों का उत्पादन किया जा सकता है.उन्होंने केले का उदाहरण भी दिया .डॉ मिश्रा ने आनुवंशिक अभियांत्रिकी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके माध्यम से फसलों में वांछित गुण विकसित किए जा सकते हैं. उन्होंने भारत में बीटी कपास की सफलता को प्रमुख उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए बताया कि इससे कीट प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी है. कीटनाशकों के उपयोग में कमी आई तथा किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है. इसके अलावे कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी व्याख्यान दिया. दाउदनगर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो डॉ एमएस इस्लाम ने डॉ सुमित कुमार मिश्रा के प्रति हर्ष जताया और कहा कि इस प्रकार के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से प्राप्त आमंत्रण कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान क्षमता और शिक्षकों की वैज्ञानिक दक्षता को प्रदर्शित करता है. पीआरओ डॉ देव प्रकाश ने कहा कि व्याख्यान दाउदनगर कॉलेज के लिए यह अवसर गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में स्मरणीय रहेगा.
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